लोन एप्स से ऋण देकर वसूली के नाम पर उत्पीड़न करने वाले को उत्तराखंड साइबर पुलिस और एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
फर्जी लोन एप्स के माध्यम से धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध उत्तराखंड साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन एवं एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। 15 एप्स के माध्यम से 300 करोड़ रुपये का लोगों को अधिक ब्याज पर लोन देने के बाद वसूली ने नाम पर मानसिक उत्पीड़न करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया। धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सरगना को गुडगाँव से गिरफ्तार किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)सीएम और डीजीपी ने दिए थे निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के निर्देशो के क्रम में साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में साइबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने के लिए अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि ऐसे साइबर ठगों का शिकार होने वालों की शिकायत मिली थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
17 लाख की ठगी की मिली थी शिकायत
इसी क्रम में लूनिया मोहल्ला निकट कालिका मन्दिर देहरादून निवासी के साथ करीब 17 लाख रुपये की ऑनलाइन लोन एप के माध्यम से साईबर ठगी हुई। इसका संज्ञान साईबर क्राइम पुलिस ने लिया। प्रथम दृष्टया जांच में पाया कि भारत सरकार के NCRP पोर्टल पर भी फर्जी लोन एप के माध्यम से धोखाधड़ी का शिकार हुए पीड़ितों की विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुई हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बंद कराए गए फर्जी एसएमएस हैडर
इन शिकायतों की जांच साइबर थाने की उप निरीक्षक रोशनी रावत ने की। साथ ही इस संबंध में 29 दिसम्बर 2022 को साइबर थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। इसमें टीम ने अनुमानित 75-80 फर्जी लोन एप को बन्द कराने के लिए कार्रवाई भी की। साथ ही फर्जी लोन के नाम पर SMS का प्रयोग कर लगभग 70 SMS HEADER को चिह्नित कर इनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए सम्पूर्ण भारत वर्ष में बन्द करवाने का प्रयास प्रारम्भ किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गुरुग्राम से किया गया मुख्य आरोपी गिरफ्तार
साथ ही इस मामले में अभियुक्त अंकुर ढींगरा पुत्र अनिल ढींगरा निवासी एन-2/79 मोहन गार्डन उत्तम नगर नई दिल्ली हाल डी- 205 मोहन गार्डन नई दिल्ली को उसके गुरुग्राम स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त लैपटॉप, मोबाईल फोन, हार्ड डिस्क व विभिन्न बैको के एटीएम के साथ-साथ अभियुक्त के डीएल/आरसी/आधार कार्ड/पेन कार्ड/मेट्रो कार्ड को भी बरामद किया गया। आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमाण्ड लिये जाने का प्रयास किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
15 एप्स के माध्यम से करते हैं ठगी
आरोपी ऑनलाइन लोन देने वाली संदिग्ध शेल कंपनी (Hector Lendkaro Private Limited ) का संचालन करने वाले भारतीय मास्टरमाइंड में से एक है। पकड़ी गयी कम्पनी Hector Lendkaro Private Limited की 15 एप RupeeGo, Rupee Here, LoanU, QuickRupee, Punch Money, Grand Loan, DreamLoan, CashMO, Rupee MO, CreditLoan, Lendkar, RockOn, HopeLoan, Lend Now, Cashfull एप्स से 300 करोड़ रुपये तक लोगों को अधिक ब्याज लोन दे चुकी है। साथ ही लोगों से अवैध वसूली के नाम पर मानसिक उत्पीड़न कर रही है । प्रारंभिक जांच में पाया गया कि उत्तराखंड राज्य में 247 फर्जी लोन एप संचालित है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अभियोग में पांच चीनी नागरिकों के नाम भी आए सामने
1. Kuang Yongguang उर्फ Bolt
2. Miao Zhang उर्फ Cicero
3. Wanzue Li उर्फ Force
4. He Zhebo उर्फ Leo
5. Difan Wang उर्फ Scott wang (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अपराध का तरीका
गिरफ्तार किये गये अभियुक्त के मुताबिक, वह पूर्व में कई बार चाइना गया है। उसने चीनी भाषा चाइना मे रहकर ही पढ़ी है। Hector Lendkaro फर्जी कम्पनी वर्ष 2019-20 मे बनायी गयी थी। इस तरह के फर्जी ऑनलाइन लोन ऐप चीन, हांगकांग से बनाए और संचालित किए जाते हैं। उक्त गिरोह की ओर से ऑनलाइन लोन एप का प्रचार प्रसार चीनी व भारतीय मूल के नागरिकों से कमीशन देकर कराया जाता है। इनकी ओर से कमीशन के लिए भारत के नागरिकों के माध्यम से कॉल सेन्टर खोलकर फोन करके धमकाया जाता है। साथ ही अनाधिकृत रुप से पीडितों के Contact List ,Photo gallery का Access लेकर उनकी अश्लील फोटो बनाकर परिजनों/दोस्तों को भेजा जाता है। इससे उनका मानसिक शोषण करते हुए अवैध धन की वसूली की जाती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अधिक दर पर वसूला जाता है ब्याज
साथ ही लोगों से बहुत ज्यादा ब्याज दर वसूला जाता है और ऐसी फर्जी कंपनियां हैं जो इस तरह का लोन देने में मदद करती हैं। ये सभी कंपनियां अनधिकृत हैं। अतिरिक्त धन को पुनः परिचालित किया जाता है और अन्य उधारकर्ताओं को अत्यधिक दरों पर दिया जाता है। और पैसे का बड़ा हिस्सा हवाला चैनलों के माध्यम से चलाया जाता है। पूर्व मे इस प्रकार के लोन एप प्ले स्टोर पर मौजूद रहते थे किन्तु गूगल द्वारा प्रतिबंध लगाये जाने के उपरान्त साइबर अपराधियो द्वारा आम जनता को अपनी बातो मे फसाकर वाट्सअप/एसएमएस एवं अन्य माध्यमो से लोन एप का लिंक भेजकर डाउनलोड कराया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गिरफ्तार अभियुक्त
1- अंकुर ढींगरा पुत्र अनिल ढींगरा निवासी एन-2/79 मोहन गार्डन उत्तम नगर नई दिल्ली हाल डी- 205 मोहन गार्डन नई दिल्ली
बरामदगी
1- एक लैपटॉप 01
2- मोबाईल फोन
3- हार्ड डिस्क
4- विभिन्न बैको के एटीएम-05
5- अभियुक्त का डीएल/आरसी/आधार कार्ड/पेन कार्ड/मेट्रो कार्ड (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पुलिस टीम
1- पुलिस उपाधीक्षक श्री अंकुश मिश्रा
2- निरीक्षक विकास भारद्वाज
3- उ.नि. कुलदीप टम्टा
4- अ.उ.नि. सुरेश कुमार
5- का0 शादाब अली (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एसएसपी ने दिए ये निर्देश
स्पेशल टॉस्क फोर्स उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अपनी टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि न केवल अपराधियों की पहचान करना है, गिरफ्तार करना है, बल्कि इस तरह के धोखाधड़ी एसएमएस को भी रोकना है। इनके ऊपर प्रभावी काम किया जा रहा है, जिससे पूरे भारत में नागरिक लाभान्वित होंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
लोगों से की अपील
एसटीएफ की ओर से जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन फर्जी लोन/ लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें। किसी भी आँनलाइन ट्रेडिग साइट व लॉटरी एवं ईनाम जीतने के लालच में आकर धनराशि देने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी व महत्वपूर्ण डाटा शेयर करने से बचना चाहिये। किसी भी प्रकार का ऑनलाइन ट्रेडिग लेने से पूर्व उक्त साइट की पूर्ण जानकारी व स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलींभांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें। कोई भी वित्तीय साइबर धोखाधड़ी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाईन 1930 या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



