विपक्ष पर हमलावर हुई उत्तराखंड भाजपा, दो दो नेताओं ने किए वार
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा विपक्ष पर हमलावर हो गई है। भाजपा के दो दो नेताओं ने विपक्ष पर हमला बोला। वहीं, विपक्षी दलों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता फील्ड में जुटे हैं।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा विपक्ष पर हमलावर हो गई है। भाजपा के दो दो नेताओं ने विपक्ष पर हमला बोला। वहीं, विपक्षी दलों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता फील्ड में जुटे हैं। आप नेता कर्नल कोठियाल रोजगार गारंटी यात्रा के दौरान भाजपा और कांग्रेस पर हमले कर रहे हैं। साथ ही पार्टी की शंखनाद यात्रा भी जारी है। वहीं, कांग्रेस में टिकट के दावेदार अपनी अपनी विधानसभाओं में जनसंपर्क अभियान और कार्यक्रमों में जुटे हैं। उन्हें इससे भी कोई लेना देना नहीं कि भाजपा उनकी पार्टी के लिए क्या कह रही है। ये जरूर है कि पार्टी के प्रदेश स्तर से नेता भाजपा के बयानों की काट करते नजर आते हैं।उत्तराखंड में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो 18,000 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, उसमे से कुछ योजनायें ऐसी हैं जो यूपीए सरकार उनकी सरकार की हैं।
उन्होंने कहा कि रावत इस तरह के हल्के बयान चर्चाओं में रहने के लिए देते रहते हैं। उन्हें जमीनी हकीकत का कोई ज्ञान भी नहीं है। कांग्रेस के नेताओं के बयानों को जनता भी हल्के में लेती है । सुरेश जोशी ने हरीश रावत के दावों पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि 26 मई 2014 से पहले तो भारत में मनमोहन सिह जी की सरकार थी। क्या जो 12,500 करोड़ का हमारा प्रोजेक्ट है, उसमे 1 रूपए की भी धनराशि 26 मई 2014 से पहले आहरित की गई है? अगर धनराशि आहरित की गई है तो हरीश रावत को प्रमाण के साथ जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरीश रावत ने नेरेल प्रोजेक्ट में अंतिम समय पर बिना धन की स्वीकृति के तथा बिना डीपीआर के सोनिया गांधी से उद्घाटन करा दिया, जो की हास्यास्पद था। 2014 में मोदी की सरकार के आने के बाद उस परियोजना में हमने 4,2000 करोड़ रूपए की धनराशि स्वीकृति की। आज 8,800 करोड़ रूपए की निविदाएं आमंत्रित हो चुकी हैं। जिसमे कार्य चल रहा है। हमारा काम धरातल पर दिखाई देता है और कांग्रेस का कागजों में। इसलिए कांग्रेस पार्टी के इतने बड़े नेता का इस तरह का बयान हास्यास्पद है। उनका इस तरह के बयान पूरी तरह भर्मिक और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि आज हरीश रावत की स्थिति यह है कि उनकी पार्टी के लोग भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। उनके पास कोई ऐसी उपलब्धि नहीं है, जिसे वे जनता को बता सके। वह झूठ का सहारा ले रहे हैं। जनता सब जानती है। भाजपा की सरकार दोबारा बनने जा रही है। डबल इंजन की सरकार ने जो प्रदेश हित में कार्य किए हैं प्रदेश की जनता भी उन कार्यों की सराहना कर रही है।
गैर बीजेपी प्रदेशो में पेट्रोल डीजल की कीमतों पर खामोश है कांग्रेस: चौहान
उत्तराखंड में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि पेट्रोल डीजल की कीमतो पर हंगामा खड़ा करने वाली कांग्रेस को अब गैर भाजपा शासित प्रदेशों में दरों को लेकर भी नजर दौड़ाने की जरुरत है। इन प्रदेशो में जनता को क्यों राहत नहीं दी जा रही है। पूरे देश में वहीं राज्य उस श्रेणी में क्यों है, जहां पर दरो में असमानता है।
चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर दी है और अब राज्यों की जिम्मेदारी है कि वैट की दर में कमी कर लोगों को राहत पहुंचाये। महाराष्ट्र, राजस्थान और छ्त्तीसगढ में पेट्रोल 110 रुपए तक बिक रहा है। तमिलनाडु, केरल, आन्ध्र प्रदेश में भी पेट्रोल महंगा है। वहीं जहां बीजेपी या एनडीए की सरकार है वहां पर कांग्रेसी या गैर बीजेपी शासित प्रदेशो की तुलना में पेट्रोल 6 रुपये सस्ता तथा डीजल 9 रुपए सस्ता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने वरिष्ठ नेताओं को भी इस बारे में प्रेरित करने की जरुरत है कि वह उन राज्यों में भी महंगे डीजल और पेट्रोल ने निजात दिलाने के लिए आगे आए। तमाम तरह के विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस जब खुद की बारी आयी तो चुप्पी साध कर बैठ गई। उन्होंने कहा कि 2014 के मुकाबले देश की आर्थिक स्थिति बेहतर है।
उन्होंने कहा कि भाजपा या एनडीए शासित प्रदेशो में पहले भी लोगो को राहत देने के लिए वैट की दरो में कमी की गई थी। जबकि इन दलों ने कभी ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि कोविड का दौर झेलने वाले पूरे विश्व ने आर्थिक तबाही का दौर देखा,लेकिन भाजपा ने देशवासियों की सुरक्षा के लिए निशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया और 80 करोड़ लोगों को राशन मुहैया कराई। आज देश फिर विकास की पटरी पर लौट रहा है और विपक्ष महज मीन मेख निकालने में मशगूल हैं। कोरोना काल ने भी कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करता रहा और जनता के बीच सेवा कार्यों से दूर रहा महज विरोध के लिए राजनीति करने वाले दलों को जनता माफ़ करने के मूड में नहीं है और उसे आगामी विधानसभा चुनाव में सबक सिखाएगी।




