Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 8, 2026

1952 से अब तक उत्तराखंड की ऐतिहासिक रामलीला की गौरवगाथा समेटे ‘भव्य रामलीला महोत्सव 2026’ की स्मारिका का विमोचन

श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजी.) की ओर से पुरानी टिहरी की 1952 से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित होने जा रहे ‘भव्य रामलीला महोत्सव 2026’ की स्मारिका पुस्तिका का विमोचन किया गया। विमोचन समारोह देहरादून स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब सभागार में किया गया। यह स्मारिका उत्तराखंड की ऐतिहासिक धरोहर, पुरानी टिहरी की रामलीला की 1952 से अब तक की यात्रा तथा इसके गौरवशाली इतिहास और वर्तमान उपलब्धियों को समर्पित है। इस अवसर पर रामलीला समिति के संरक्षक मंडल के सदस्य एवं वर्ष 1961 से रामलीला के वरिष्ठतम कलाकार बछेंद्र कुमार पांडेय ने स्मारिका का विमोचन किया। उल्लेखनीय है कि उन्होंने वर्ष 1973 में निभाए अपने किरदार को रिकॉर्ड 50 वर्ष बाद वर्ष 2023 में पुनः रामलीला मंचन के दौरान निभाया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि पुरानी टिहरी, जो गढ़वाल की ऐतिहासिक राजधानी रही है, की 1952 से चली आ रही प्राचीन रामलीला टिहरी बांध के निर्माण के बाद पुरानी टिहरी के जलमग्न होने से अपनी मूल भूमि से दूर हो गई थी। इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के संकल्प के साथ समिति ने वर्ष 2023 में 21 वर्षों के अंतराल के बाद देहरादून में इसका पुनर्जीवन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वर्ष 2025 में आयोजित भव्य रामलीला को विभिन्न देशों में डिजिटल माध्यमों से 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा, जिसके चलते यह उत्तराखंड की सबसे अधिक देखी जाने वाली रामलीला बनी। इसी उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक रामलीला पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष विशेष आकर्षण के रूप में उत्तराखंड की माटी से जुड़ा प्रसिद्ध ‘पंचतत्त्व बैंड’ भी रामलीला महोत्सव में अपनी शानदार संगीतमय प्रस्तुति देगा। पंचतत्त्व बैंड 11 अक्टूबर 2026 को रामलीला मंचन के प्रथम दिवस (उद्घाटन दिवस) पर सायं 6:00 बजे से अपनी विशेष प्रस्तुति देकर महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अध्यक्ष अभिनव थापर ने बताया कि इस वर्ष रामलीला महोत्सव में संस्कृति और आधुनिक तकनीक का विशेष संगम देखने को मिलेगा। विशेष आकर्षण के रूप में लेजर एवं साउंड शो प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके माध्यम से गढ़वाल के गौरवशाली इतिहास को भव्य रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। डिजिटल लाइव टेलीकास्ट, बड़ी डिजिटल स्क्रीन एवं अन्य आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं के माध्यम से देश-विदेश के दर्शक इस ऐतिहासिक रामलीला से जुड़ सकेंगे। रामलीला के चौपाई, संवाद, कथा और पारंपरिक मंचन में 1952 से चली आ रही पुरानी टिहरी की मूल परंपरा को यथावत बनाए रखा जाएगा। रामलीला मंचन के साथ भव्य कलश यात्रा, भव्य मेला, लोककला पंचतत्वा बैंड, सांस्कृतिक कार्यक्रम व रावण, मेघनाथ, कुंभकरण के पुतले दहन का भी कार्यक्रम किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

समिति के संरक्षक बछेंद्र कुमार पांडेय जी ने कहा कि ‘भव्य रामलीला महोत्सव 2026’ की स्मारिका अतीत के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान की उपलब्धियों का अनूठा संगम है। इस वर्ष रामलीला मंचन के साथ भव्य मेले, भजन संध्या एवं उत्तराखंड के पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कलाकार अपनी लोककला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध विरासत को मंच प्रदान करेंगे। रामलीला में देहरादून के साथ टिहरी, भटवाड़ी, उत्तरकाशी, ऋषिकेश सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रसिद्ध रामलीलाओं के अनुभवी कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही गढ़वाली फिल्मों की प्रसिद्ध गायिकाओं एवं कलाकारों में ‘प्यारी निर्मला ‘तथा ‘है लाली’ फेम शिवानी नेगी जैसी जानी-मानी हस्तियां भी अपनी प्रस्तुतियों से महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सचिव अमित पंत ने कहा कि ‘श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून’ द्वारा आयोजित ‘भव्य रामलीला महोत्सव 2026’ का आयोजन 08 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक देहरादून के श्री गुरुनानक मैदान रेसकोर्स में किया जाएगा। इस दौरान 08 अक्टूबर से भव्य मेले का शुभारंभ होगा। 09 अक्टूबर को घंटाघर से श्री गुरुनानक मैदान, रेसकोर्स तक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक भव्य रामलीला मंचन होगा। 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद एवं लंका के पारंपरिक पुतलों का दहन किया जाएगा तथा 21 अक्टूबर को भगवान श्रीराम का भव्य राजतिलक आयोजित होगा। यह आयोजन गढ़वाल, कुमाऊं सहित उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों और प्रदेश से बाहर रहने वाले प्रवासियों को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने बताया कि समिति का उद्देश्य पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा, संस्कृति, संवाद एवं मंचन शैली को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना है। इस अवसर पर समिति के नरेश कुमार, सह सचिव गिरीश पैन्यूली, उपाध्यक्ष दुर्गा भट्ट, नीता बहुगुणा, अजय पैन्यूली, तपेंद्र चौहान, शिवानी नेगी, अनिल नौटियाल, जयेन्द्र पांडे, गबर, केशव आदि सदस्य उपस्थित रहे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।