आइपीएल में शानदार प्रदर्शन पर दो खिलाड़ियों को मिला विश्वकप में बतौर नेट बॉलर का मौका
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आइपीएल में शानदार प्रदर्शन करने पर दो युवा खिलाड़ियों को बीसीसीआइ ने विश्वकप में बतौर नेट बॉलर के रूप में मौका दिया है।
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आइपीएल में शानदार प्रदर्शन करने पर दो युवा खिलाड़ियों को बीसीसीआइ ने विश्वकप में बतौर नेट बॉलर के रूप में मौका दिया है। इनमें आवेश खान और केकेआर के वेंकटेश अय्यर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( BCCI) ने टूर्नामेंट खत्म होने के बाद यूएई में ही रुकने को कहा है। ये दोनों विश्व कप टीम के साथ बतौर नेट गेंदबाज के रूप में जुड़ेंगे। इनसे पहले जम्मू-कश्मीर के उमरान मलिक को भी नेट बॉलर के रूप में जोड़ा जा चुका है। ये तीनों ही खिलाड़ी स्टैंड-बाई खिलाड़ी के रूप में शामिल नहीं हैं। मूल टीम में चुने गए श्रेयस अय्यर, शार्दूल ठाकुर और दीपक चाहर रिर्जव खिलाड़ी हैं। बाकी टीमों की तरह ही भारत के पास विश्व कप टीम में 15 अक्टूबर तक बदलाव करने का समय है।आवेश खान इस साल के शुरू में भी भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड गए थे। तब उन्हें आईपीएल के पहले चरण में बेहतर करने बाद इंग्लैंड ले जाया गया था, लेकिन तब उन्हें चोट लगने के कारण वापस भारत लौटना पड़ा था। वेंकटेश अय्यर का नेट बॉलर के रूप में चयन काफी हैरानी के रूप में आया है, क्योंकि वह बल्लेबाज ज्यादा हैं।
आवेश का प्रदर्शन
आवेश का प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स के लिए अभी तक बहुत ही खास रहा है। वह टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं। आवेश अभी तक 15 मैचों में 23 विकेट ले चुके हैं। उनका इकॉनमी रेट 7.50 का रहा है। यही प्रदर्शन उन्हें विश्व कप में बतौर नेट बॉलर की जगह दिला गया। अगर आवेश ऐसा ही प्रदर्शन करते रहे, तो वह दिन दूर नहीं, जब वह टीम इंडिया की जर्सी में दिखायी पड़ेंगे।
वेंकटेश अय्यर का प्रदर्शन
घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश के लिए खेलने वाले अय्यर ने साल 2015 में राज्य के लिए लिस्ट ए और टी20 क्रिकेट खेलना शुरू किया था। इसके तीन साल बाद उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का आगाज किया था। आईपीएल के पहले चरण में शायद ही कोई उन्हें जानता था, लेकिन दूसरे चरण में प्रदर्शन के बाद वेंकटेश सभी की निगाह में आए। केकेआर के लिए उनकी बैटिंग ने सभी को प्रभावित किया। अय्यर ने अभी तक 8 मैचों में 123.25 के औसत से 265 रन बनाए हैं। वहीं, उन्होंने 7.3 ओवरों में तीन विकेट भी लिए। बहरहाल, यह चयन हैरानी भरा जरूर है क्योंकि अगर नेट बॉलर ही लेना था, तो आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले हर्शल पटेल या कोई और सीमर क्यों नहीं। इससे साफ है कि वेंकटेश को लेकर बीसीसीआई या टीम मैनेजमेंट की प्लानिंग इससे कहीं ज्यादा है। अय्यर गेंदबाजी नहीं, बल्कि आगे किसी और योजना में भी टीम का हिस्सा हो सकते हैं।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



