ट्रैकिंग के लिए गया पर्यटकों का दल रास्ते से लापता, आठ पर्यटकों सहित 11 सदस्य हैं इसमें शामिल
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ट्रैकिंग के लिए गया पर्यटकों का दल गणतव्य तक नहीं पहुंच पाया है। वह रास्ते से कहीं गायब हो गया। इस दल में आठ पर्यटक, तीन कूकिंग स्टाफ से सदस्य शामिल हैं।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ट्रैकिंग के लिए गया पर्यटकों का दल गणतव्य तक नहीं पहुंच पाया है। वह रास्ते से कहीं गायब हो गया। इस दल में आठ पर्यटक, तीन कूकिंग स्टाफ से सदस्य शामिल हैं। दल हर्षिल से लम्खागा पास होते हुए छितकुल हिमाचल की ट्रैकिंग के लिए गया था। अभी तक छितकुल नहीं पहुंचा है। पर्यटक दल से कोई संपर्क भी नहीं हुआ है। ट्रैकिंग संचालकों ने राज्य सरकार से हेली रेस्क्यू की मदद मांगी है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) का हेली रेस्क्यू के लिए पहुंच रहा है।दरअसल, मोरी सांकरी की एक ट्रैकिंग एजेंसी के माध्यम से पश्चिम बंगाल व अन्य स्थानों के आठ पर्यटकों का दल 11 अक्टूबर को हर्षिल से रवाना हुआ था। इस दल के साथ तीन कुकिंग स्टाफ और छह पोर्टर शामिल थे। लेकिन, पोर्टर पर्यटक का सामान छोड़कर 18 अक्टूबर को छितकुल पहुंचे। वहां भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस ने पोर्टरों को पकड़ा। इसकी सूचना उत्तरकाशी के ट्रैकिंग संचालक को दी।
19 अक्टूबर को उम्मीद थी कि पर्यटक और कुकिंग स्टाफ छितकुल पहुंच जाएंगे। बुधवार की सुबह तक पर्यटक दल और कुकिंग स्टाफ का कोई पता नहीं चला। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि हर्षिल से लंबखागा छितकुल गए पर्यटकों के रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ की टीम हेली से रेस्क्यू कर रही है।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






