उत्तराखंड में 70 विधानसभाओं के लिए कुल 750 नामांकन, इनमें 22 के पर्चे निरस्त
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य की कुल 70 सीटों के लिए 750 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए गए। नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रदेश में कुल 22 आवेदकों के नामांकन निरस्त किए गए हैं।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य की कुल 70 सीटों के लिए 750 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए गए। राजधानी देहरादून क्षेत्र में कुल नामांकन अवधि के दौरान कुल 144 नामांकन दाखिल हुए। नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रदेश में कुल 22 आवेदकों के नामांकन निरस्त किए गए हैं। ये चुनाव की दौड़ से बाहर हो गए हैं। इनमें गढ़वाल मंडल के 13 और कुमाऊं मंडल के नौ नामांकन शामिल हैं। अब 31 जनवरी को नाम वापसी के बाद सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।शनिवार को प्रदेश की सभी सभी 70 सीटों पर दाखिल नामांकन पत्रों की जांच की गई। इनमें देहरादून की 10 विधानसभाओं में से केवल कैंट विधानसभा सीट पर तीन आवेदकों के नामांकन निरस्त किए गए। पौड़ी गढ़वाल जिले में यमकेश्वर, श्रीनगर, कोटद्वार, चौबट्टाखाल व पौड़ी विधानसभा सीट पर एक-एक नामांकन निरस्त किया गया। वहीं, टिहरी जिले में देवप्रयाग से एक नामांकन निरस्त हुआ। उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग जिले में कोई नामांकन निरस्त नहीं हुआ।
हरिद्वार जिले में चार नामांकन पत्र निरस्त किए गए। इसमें रानीपुर से एक और लक्सर सीट पर तीन नामांकन निरस्त किए गए। वहीं, कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट सीट से एक और चंपावत जिले की लोहाघाट सीट पर एक नामांकन रद किया गया। बागेश्वर जिले में तीन नामांकन निरस्त हुए। इनमें बागेश्वर सीट से एक और कपकोट विधानसभा सीट से दो नामांकन निरस्त हुए। अल्मोड़ा जिले में सल्ट सीट से एक नामांकन रद हुआ। ऊधम सिंह नगर जिले में तीन नामांकन निरस्त हुए। यहां रुद्रपुर, जसपुर और गदरपुर विधानसभा सीट पर एक नामांकन निरस्त हुआ। नैनीताल जिले में कोई नामांकन पत्र निरस्त नहीं हुआ।




