टोक्यो पैरालंपिकः शूटिंग में मनीष और बैडमिंटन में प्रमोद ने जीता गोल्ड मेडल, भारत के अब चार गोल्ड
टोक्यो पैरालंपिक की शूटिंग में भारतीय पैराशूटर्स ने कमाल कर दिया है। मनीष नरवाल ने गोल्ड पर कब्जा किया, जबकि सिंहराज ने सिल्वर जीता। इनके साथ ही प्रमोद भगत ने बैडमिंटन में गोल्ड मेडल जीत लिया। वहीं, मनोज सरकार ने कांस्य में कब्जा जमाया। इस पैरालंपिक में भारत का ये चौथा गोल्ड मेडल है। वहीं, पदक तालिका में भारत के मेडल की संख्या 17 हो गई है। सबसे अहम बात ये है कि शूटिंग क्वालिफिकेशन राउंड में सातवें नंबर पर आने के बाद मनीष ने उलटफेर किया और गोल्ड कब्जा लिया। P4 मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल एसएस-1 फाइनल में मनीष नरवाल ने 218.2 का स्कोर कर पहला स्थान हासिल किया। सिंहराज (216.7) दूसरे स्थान पर रहे। भारत के पदकों की संख्या अब 17 हो गई है।ये दोनों पैरा शूटर्स फरीदाबाद के हरने वाले हैं। क्वालिफिकेशन में सिंहराज 536 अंकों के साथ चौथे स्थान पर थे, जबकि मनीष नरवाल (533) सातव नंबर पर रहे थे। इसके साथ ही टोक्यो पैरालंपिक में 19 साल के मनीष नरवाल ने तीसरा गोल्ड मेडल दिलाया। इससे पहले अवनि लखेड़ा ने महिलाओं की दस मीटर रायफ शूटिंग, सुमित अंतिल ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 में स्वर्ण पदक दिलाया था।
इस पैरालंपिक में 39 साल के सिंहराज ने अपना दूसरा मेडल हासिल किया। इससे पहले उन्हें 10m Air Pistol SH1 में कांस्य पदक मिला था। अवनि लखेड़ा के पास भी दो पदक हैं। उन्होंने गोल्ड के अलावा ब्रॉन्ज जीता है। मौजूदा पैरालंपिक में भारत ने अब तक 15 पदक जीते हैं। भारत के खाते में अब 4 स्वर्ण, 7 रजत और 6 कांस्य पदक हैं। यह पैरालंपिक के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। रियो पैरालंपिक (2016) में भारत ने 2 स्वर्ण सहित 4 पदक जीते थे।
प्रमोद भगत ने जीता गोल्ड, मनोज सरकार ने कांस्य
प्रमोद भगत ने बैडमिंटन पुरुष एकल SL3 स्पर्धा में कमाल का पऱफॉर्मेंस कर गोल्ड मेडल जीत लिया है। पैरालिपिंक में भारत को यह चौथा गोल्ड मेडल मिला है। बता दें कि पैरालिपिंक में बैडमिंटन में भारत को यह पहला गोल्ड मेडल मिला है। सोशल मीडिया पर प्रमोद भगत के गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें खूब बधाई मिल रही है। यह भारत का पैरालिंपिक के इतिहास में अबतक का सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस हैं, टोक्यो पैरालिंपिक में भारतीय खिलाड़ी कमाल कर रहे हैं। इसके बाद अब मनोज सरकार ने बैडमिंटन पुरुष एकल (SL3) स्पर्धा में जापान के डाइसुके फुजीहारा को हराकर कांस्य पदक जीतने का कमाल कर दिया है। यह भारत की ओर से 17वां मेडल है।
आधा कोर्ट होता है इस्तेमाल
पैरालंपिक्स बैडमिंडन प्रतियोगिता में मानक के अनुसार, आधा ही कोर्ट का इस्तेमाल होता है। दोनों खिलाड़ियों ने लंबी रैली का दमखम दिखाया और प्रमोद भगत भारी पड़े। हालांकि पहले गेम में प्रमोद भगत 2-4 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने जल्द ही शिकंजा कस लिया और 8-8 से बराबरी के बाद 11-8 के अंतराल से यह सेट जीत लिया। ब्रेक के बाद भी प्रमोद भगत नहीं रुके और लगातार अपने प्रतिद्वंद्वी पर हावी होते चले गए। उन्होंने 6 लगातार प्वाइंट अर्जित करने के बाद आसानी से सेट अपने नाम किया।
पांच साल की उम्र में हुआ था पोलियो
प्रमोद भगत को 5 साल की उम्र में ही बाएं पैर में पोलियो हो गया था। वो अब तक 45 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीत चुके हैं। इनमें चार बार वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल शामिल है। पिछले आठ साल में प्रमोद ने दो गोल्ड और एक ब्रांज पुरुष सिंगल में, जबकि मेंस डबल्स में दो गोल्ड और एक सिल्वर जीता है।
सुहास का रजत पदक पक्का
बैडमिंटन की SL4 कैटेगरी में भारत के सुहास एल यथीराज ने फाइनल में प्रवेश कर भारत का रजत पदक भी पक्का कर दिया है। अब सुहास गोल्ड मेडल के जंग में शामिल हो गए हैं। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी और गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एल यथिराज का टोक्यो पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन जारी है। सुहास एल यथिराज ने अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत पुरुष सिंगल्स बैडमिंटन के फाइनल में जगह बना ली है। टोक्यो पैरालंपिक में सुहास एल यथिराज ने पुरुष बैडमिंटन SL4 एकल वर्ग के सेमीफाइनल में सेतिआवान फ्रेडी को मात दी।




