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April 5, 2025

ये आम चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनावः गरिमा मेहरा दसौनी

उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव की तिथि आ गई और राज्य की पांचों लोकसभा चुनाव के लिए मतदान आज 19 अप्रैल की सुबह सात बजे से शुरू हो चुका है। इसके साथ ही उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता और उत्तर प्रदेश की मीडिया प्रभारी गरिमा मेहरा दसौनी ने उत्तराखंड की जनता से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने का आह्वान किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दसौनी ने कहा की यदि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस के मेनिफेस्टो (न्याय पत्र) को गंभीरता से ले तो, समझ में आएगा कि कांग्रेस ही देश की दशा और दिशा दोनों सुधार सकती है। दसौनी ने कहा कि यह कोई आम चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। यह अस्तित्व और अस्मिता की लड़ाई है। दसौनी ने कहा की जहां एक ओर कांग्रेस के न्याय पत्र में बच्चों से लेकर बूढ़े तक हर वर्ग के लिए कोई ना कोई सौगात है, वही दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के मेनिफेस्टो में कोई विजन नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि मात्र 13 दिन में तैयार किया गया भारतीय जनता पार्टी का मेनिफेस्टो साफ दिखाता है कि सत्तारूढ़ दल अहंकार में आकर देश के असल मुद्दों पर से ध्यान भटका कर राजनीति करना चाहता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र में शामिल 10 कारण ऐसे हैं, जो हर भारतीय महिला का जीवन बदल देंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये हैं प्रमुख बिंदु
1.सबसे गरीब घरों की एक महिला को 1 लाख/वर्ष।
2.वेतन में कोई भेदभाव नहीं – समान काम का मतलब समान वेतन।
3.महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल, कामकाजी महिलाओं के छात्रावास, बच्चों की देखभाल, मातृत्व लाभ और सुरक्षित परिवहन के साथ काम करने में मदद।
4. महिलाओं और महिला स्वयं सहायता समूह के लिए लोन में बढ़ोतरी करके उन बहनों का समर्थन करना।
5. महिलाओं की मदद के लिए हर पंचायत में अधिकार मैत्री – उनके अधिकार समझाने, उन तक पहुंचाने और उन्हें लागू कराने के लिए।
6. लैंगिक भेदभाव और पक्षपात के लिए सभी कानूनों की समीक्षा की गई।
7. केंद्र सरकार की नई भर्तियों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण। इसका ये भी मतलब है कि ज़्यादा महिला जज और IAS और IPS अधिकारी।
8. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अधिक महिलाएं, और सेना में महिलाओं की अधिक भागीदारी।
9. न्यायसंगत राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए विधानसभाओं और लोकसभा में महिला आरक्षण तत्काल बहाल करेंगे।
10. महिलाओं और लड़कियों के लिए खेलों में ज़्यादा फंड और खेल निकायों में ज़्यादा महिलाओं की नियुक्ति। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

हर लिहाज से बेहतर घोषणापत्र
गरिमा दसौनी ने कहा कि कांग्रेस का न्याय पत्र हर लिहाज से भारतीय जनता पार्टी के मेनिफेस्टो से बेहतर है। कांग्रेस का न्याय पत्र मन की बात नहीं कहता, बल्कि जन की बात सुनता है। लोगों की आवाज को दर्शाता है। दो भारत जोड़ो यात्राओं के दौरान भारत के लोगों की आवाज सुनने के बाद ही न्याय पत्र बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर भाजपा का घोषणा पत्र सिर्फ मोदी के बारे में है (53 तस्वीरें, ‘मोदी’ के 69 उल्लेख) करता है। साथ ही बेरोजगारी का जिक्र सिर्फ दो जगह पर करते दिखता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वास्तविक समस्याओं का समाधान
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के न्याय पत्र में देश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दिया गया है, बल्कि भाजपा के घोषणा पत्र में बेरोजगारी और महंगाई का कोई जिक्र नहीं है। कांग्रेस ने न्याय पत्र में ​​विशेष रूप से नौकरियाँ पैदा करने के लिए रचनात्मक और नए समाधान पेश किए हैं। नौकरी के मुद्दे पर बीजेपी ने कोई नई बात नहीं की है। भाजपा द्वारा मौजूदा विफल योजनाओं को बरकरार रखने पर ध्यान केंद्रित किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गारंटी लागू करने का स्पष्ट रोडमैप
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गारंटी लागू करने के लिए स्पष्ट और ठोस रोडमैप तैयार किया है। वहीं भाजपा ने अस्पष्ट और कुछ भी कैसे हासिल किया जाएगा, इसके बारे में कोई विवरण नहीं दिया। कांग्रेस का न्याय पत्र किसानों को एमएसपी स्वामीनाथन फॉर्मूले के अनुसार देने की बात करता है। वहीं, भाजपा कहती है कि समय-समय पर एमएसपी बढ़ाएगी। न्याय पत्र महिलाओं को सशक्त बनाता है, वहीं भाजपा आपके परिवार की आय के आधार पर आपको ‘लखपति दीदी’ कह रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

30 लाख सरकारी नौकरी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं को रोजगार की बात कहती है। 30 लाख नई सरकारी नौकरियां, 1 लाख प्रति वर्ष स्टाइपेंड के साथ पहली नौकरी की गारंटी दी गई है। वहीं भाजपा रोजगार सृजन के लिए कोई नई पहल पर विचार तक नहीं करती। कांग्रेस द्वारा श्रमिकों के लिए मनरेगा में न्यूनतम वेतन रु. 400 की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र महीनों के शोध, चर्चा और लोगों की राय के बाद बनाया गया। इसलिए प्रदेश और देश की जनता को चाहिए कि बहुत सोच समझकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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