लंबी उम्र जीने का मंत्रः पांच मिनट ज्यादा सोएं, दो मिनट कर लो ये काम, एक साल तक बढ़ जाएगी औसतन उम्र, जानिए वैज्ञानिक फॉर्मूला
हर किसी व्यक्ति की लंबी उम्र जीने की चाहत होती है। इसके लिए लोग कसरत करते हैं, कई लोग जिम जाते हैं। या फिर अपने खानपान में बदलाव करते हैं। अब एक नया वैज्ञानिक फॉर्मूला सामने आया है। इसमें कहा गया कि पांच मिनट ज्यादा सोएं और 2 मिनट तेज चलें। या फिर दो मिनट सीढ़ियां चढ़ें। इससे आप मौत को मात दे सकते हो। आपकी औसतन उम्र एक साल तक बढ़ सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस संबंध में हाल ही में आई एक बड़ी रिसर्च यह साफ बताती है कि सेहतमंद रहने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी नहीं है। चाहे आप रोज एक्सरसाइज करने वाले हों या ज्यादातर समय कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले। अगर आप दिन में थोड़ा-सा भी ज्यादा चलना-फिरना शुरू कर दें, तो इससे आपकी उम्र और सेहत दोनों पर बड़ा असर पड़ सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कारण ये है कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर कहते हैं सोने का टाइम नहीं है। चलना-फिरना बाद में देखेंगे। अब वैज्ञानिक रिसर्च साफ बता रही है कि यही छोटी-छोटी आदतें आपकी उम्र और सेहत पर बड़ा असर डाल सकती हैं। हाल ही में मेडिकल जर्नल The Lancet में प्रकाशित एक स्टडी ने इसी तरह का चौंकाने वाला दावा किया है। इसमें कहा गया है कि अगर आप रोज सिर्फ पांच मिनट ज्यादा सोएं और दिन में 2 मिनट तेज चाल से चलें, तो आपकी उम्र औसतन एक साल तक बढ़ सकती है। यह सुनने में भले ही अविश्वसनीय लगे, लेकिन इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक आधार है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये कहती है स्टडी
लैंसेट में छपी इस रिसर्च में हजारों लोगों की नींद, फिजिकल एक्टिविटी और सेहत से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अपनी नींद की अवधि थोड़ी-सी बढ़ाते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में हल्की-सी तेज चाल अपनाते हैं, उनमें दिल की बीमारियां, डायबिटीज और समय से पहले मौत का खतरा कम होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सिर्फ पांच मिनट भी कर सकते हैं कमाल
मेडिकल जर्नल The Lancet में छपी एक स्टडी के मुताबिक, रोजाना अपनी वॉक में सिर्फ पांच मिनट का इजाफा करने से मौत का खतरा कम हो सकता है। जो लोग पहले से थोड़ा एक्टिव थे, उनमें मौत का जोखिम करीब 10 फीसदी तक कम हुआ, जबकि सबसे कम एक्टिव लोगों में भी करीब 6 फीसदी की कमी देखी गई। इतना ही नहीं, अगर कोई इंसान दिन में बैठने का समय 30 मिनट कम कर दे, तो कुल मौतों का खतरा करीब 7 फीसदी तक घट सकता है। आमतौर पर लोग दिन में लगभग 10 घंटे बैठे रहते हैं, जबकि कुछ लोग 12 घंटे तक बैठे रहते हैं। ऐसे ज्यादा बैठने वालों में भी इसका फायदा देखा गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
रिसर्च की महत्वपूर्ण बातें
-रोज 5-10 मिनट की ज्यादा नींद शरीर को बेहतर रिकवरी का मौका देती है।
-सिर्फ 2 मिनट तेज चलना (ब्रिस्क वॉक) मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करता है।
-इन दोनों का मिला-जुला असर उम्र और जीवन की गुणवत्ता दोनों बढ़ाता है।
-नींद सिर्फ आराम नहीं, बल्कि शरीर की मरम्मत की प्रक्रिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नींद, चलना और खाना तीनों का कॉम्बिनेशन से मिलेगा लाभ
एक दूसरी स्टडी, जो The Lancet समूह की eClinicalMedicine में छपी है। इसमें बताया गया कि अगर नींद, फिजिकल एक्टिविटी और डाइट तीनों में थोड़ा-थोड़ा सुधार किया जाए, तो इससे एक साल तक उम्र बढ़ सकती है। रिसर्च के मुताबिक, रोजाना सिर्फ पांच मिनट ज्यादा नींद, दो मिनट तेज चलना या सीढ़ियां चढ़ना और हरी सब्जियों का सेवन भी बड़ा फर्क ला सकते हैं। जब आप रोज थोड़ा ज्यादा सोते हैं, तो शरीर को खुद को रिपेयर करने का ज्यादा समय मिल जाता है। यही वजह है कि रिसर्च में इसे माइक्रो-रिकवरी कहा गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये हैं फायदे
-दिमाग की थकान कम होती है।
-हार्मोन बैलेंस बेहतर होता है।
-इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।
-तनाव और चिड़चिड़ापन घटता है।
कम एक्टिव लोगों को सबसे ज्यादा फायदा
इस स्टडी की खास बात यह है कि सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को हुआ जो बिल्कुल कम चलते-फिरते हैं। यानी अगर आप सोचते हैं कि अब शुरू करके क्या होगा, तो यही लोग सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। यह नतीजे नॉर्वे, स्वीडन, अमेरिका और ब्रिटेन समेत चार देशों के 1.35 लाख से ज्यादा लोगों के डेटा पर आधारित हैं, जिन्हें औसतन 8 साल तक फॉलो किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भारत के लिए WHO की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2024 में दुनिया भर में करीब 1.8 अरब लोग ऐसे थे, जिन्हें कम फिजिकल एक्टिविटी की वजह से बीमारियों का खतरा था। भारत में तो लगभग 50 फीसदी लोग पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करते। ऐसे में भारत के लोगों को गंभीर चेतावनी ये है कि जीवन शैली में कुछ बदलाव किया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
छोटे कदमों का है बड़ा फायदा
यह रिसर्च इसलिए अहम है, क्योंकि यह दिखाती है कि 5-10 मिनट की एक्टिविटी और 30 मिनट कम बैठना भी बड़ा असर डाल सकता है। यह बात बुजुर्गों, बीमारी से उबर रहे मरीजों और ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए खास तौर पर जरूरी है। हालांकि, यह भी चेतावनी दी जा रही है कि भारत के कई बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब रहती है, वहां खुले में एक्सरसाइज के फायदे कुछ हद तक कम हो सकते हैं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



