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July 13, 2026

अप्रैल माह का पहला सप्ताह भी निकल गया सूखा, अब दो दिन ओरेंज और दो दिन गर्मी का रेड अलर्ट

इस साल मार्च माह सूखा निकल गया और अप्रैल माह में भी बारिश के लिहाज से कोई राहत नजर नहीं आ रही है। फिलहाल 12 अप्रैल तक उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।

इस साल मार्च माह सूखा निकल गया और अप्रैल माह में भी बारिश के लिहाज से कोई राहत नजर नहीं आ रही है। फिलहाल 12 अप्रैल तक उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से छह से सात डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा हुआ है। अब मौसम की इस बेरुखी के चलते मौसम विभाग ने गर्मी की चेतावनी के साथ ही दो दिन का ओरेंज और दो दिन का रेड अलर्ट जारी किया है।
लगातार पारे के चढ़ने से जंगलों में आग लगने की घटनाओं में तेजी आ सकती है। वहीं पूरे प्रदेश की बात करें तो हर साल मार्च में औसतन 54.9 मिलीमीटर बारिश होती है, जो इस वर्ष 2.2 मिलीमीटर पर सिमट गई। यह सामान्य से 96 प्रतिशत कम है। खासकर देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, पौड़ी और अल्मोड़ा में करीब सवा माह से मेघ नहीं बरसे हैं। जबकि, इन जिलों में मार्च में सामान्य बारिश 10 मिलीमीटर से 46 मिलीमीटर तक दर्ज की जाती रही है। शेष सात जिलों में भी नाममात्र की बारिश हुई है।
मौसम विभाग की दो दिन ओरेंज अलर्ट की चेतावनी
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक, नौ और दस अप्रैल को उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिले में सामान्य से अत्यंत अधिक तापमान रहने की संभावना है। ऐसे में कुछ स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं बढ़ सकती हैं। फसलों और सब्जियों को ज्यादा गरमी से नुकसान की संभावना है। ऐसे में वनों की आग को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय की जरूरत है। साथ ही किसानों को सलाह दी जाती है कि फसलों की नियमित सिंचाई करें।
दो दिन का रेड अलर्ट
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने 11 और 12 अप्रैल को इन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में 3500 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले स्थानों पर कहीं कहीं बर्फ पिघलने से हिमस्खलन की संभावना है। ऐसे में राज्य सरकार से उम्मीद की गई है कि संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाए जाएं।