आभा आईडी की अनिवार्यता के चलते गरीब और असहाय लोगों की बढ़ी मुसीबत, राज्य आंदोलनकारी मोहन खत्री ने मंत्री को लिखा पत्र
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी और समाजसेवी मोहन खत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए आभा आईडी की अनिवार्यता से होने वाली परेशानी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा। साथ ही उन्होंने इसकी प्रतिलिपि स्वास्थ्य सचिव को भी भेजी। उन्होंने ईलाज की प्रक्रिया को लचीली बनाने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देहरादून में मसूरी रोड मालसी निवासी मोहन खत्री के मुताबिक, राज्य के सरकारी चिकित्सालयों में आभा आईडी (ABHA ID) को अनिवार्य किया जा रहा है। इससे गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य के अनेक गरीब, असहाय, बुजुर्ग एवं ग्रामीण नागरिकों के पास न तो स्मार्ट मोबाइल फोन हैं और न ही डिजिटल साक्षरता। ऐसे में उपचार के लिए आभा ID की बाध्यता उनके लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज के लिए ईलाज के लिए आभा आई़डी होना जरूरी है। ऐसे में विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में जब मरीज रात्रि के समय अस्पताल पहुंचते हैं, तो आभा ID न होने के कारण उन्हें उपचार से वंचित किया जाना अत्यंत गंभीर होगा। साथ ही ये अमानवीय तथा संविधान प्रदत्त जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) के विपरीत है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मोहन खत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह व्यवस्था जीवन और मृत्यु के बीच बाधा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी राज्य सरकार की मूल जिम्मेदारी होती हैं। डिजिटल व्यवस्था सुविधा का माध्यम होनी चाहिए, न कि इलाज से वंचित करने का कारण हो। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्वास्थ्य मंत्री से किया ये अनुरोध
1.आपातकालीन एवं गंभीर मरीजों के लिए आभा ID की अनिवार्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए।
2.आभा ID उपलब्ध न होने की स्थिति में आधार कार्ड/अन्य पहचान पत्र अथवा बिना पहचान के भी उपचार सुनिश्चित किया जाए।
3.सभी सरकारी अस्पतालों में आभा ID निर्माण की सरल, त्वरित एवं निःशुल्क व्यवस्था की जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आभा आईडी के संबंध में
आभा आईडी (ABHA ID) एक डिजिटल हेल्थ आईडी है, जो भारत सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत नागरिकों को दी जाती है। यह 14 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जो आपके सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स (जैसे प्रिस्क्रिप्शन, रिपोर्ट, दवाइयां) को सुरक्षित रूप से डिजिटल रूप में एक ही जगह स्टोर और मैनेज करने की सुविधा देता है। इससे आप देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं को आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। हेल्थ आईडी कार्ड आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता को ही आभा के नाम से जाना जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आभा आईडी का काम
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: यह आपके स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी को एक डिजिटल वॉल्ट में सुरक्षित रखती है।
आसान एक्सेस: आप अपनी आभा आईडी का उपयोग करके किसी भी डॉक्टर या अस्पताल में अपने मेडिकल रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रूप से शेयर कर सकते हैं।
सुविधाजनक: यह आपको अपॉइंटमेंट बुकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाती है।
यूनिक पहचान: यह आपको एक विशिष्ट 14-अंकीय स्वास्थ्य खाता नंबर देती है।
इसे बनाने का तरीका
आप आधिकारिक वेबसाइट या अन्य प्लेटफॉर्म्स पर जाकर आधार या ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग करके आसानी से बना सकते हैं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



