एक कोशिश बाकी है अभी। रात के घने अंधेरे से पहले, सांझ की वो हल्की रोशनी थी, मेरे ख्वाबों की...
युवमंच
भगवान की कृपा संतों की एक सभा चल रही थी। किसी ने एक दिन एक घड़े में गंगाजल भरकर वहां...
एक कोशिश बाकी है अभी। रात के घने अंधेरे से पहले, सांझ की वो हल्की रोशनी थी, मेरे ख्वाबों की...
भगवान की कृपा संतों की एक सभा चल रही थी। किसी ने एक दिन एक घड़े में गंगाजल भरकर वहां...