क्या तुम्हें याद है? वो हमारी पहली मुलाक़ात क्या तुम्हें याद है? वो शाम और वो बरसात क्या तुम्हें याद...
Poetry of young poet Brahmin Ashish Upadhyay
व्यथा किस से कहूँ दिल की कोई हमारा नहीं। सब के सब स्वार्थी हैं कोई हम छात्रों का सहारा नहीं।...
क्या तुम्हें याद है? वो हमारी पहली मुलाक़ात क्या तुम्हें याद है? वो शाम और वो बरसात क्या तुम्हें याद...
व्यथा किस से कहूँ दिल की कोई हमारा नहीं। सब के सब स्वार्थी हैं कोई हम छात्रों का सहारा नहीं।...