Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

April 11, 2026

Literature

कबि-कबि कबि-कबि एक-हैंका धोऽर, आंद-जांद रावा. अपड़ि खैरी-खुशि-बिपत, सब्यूं सुणांद रावा.. ज्यू हळ्कु ह्वे जांद, सूणीं-सुणैकी क्वी बात, कबि अपणौं,...

वृक्ष जन-जीवन का आधार पर्यावरण होता जिससे साकार शुद्ध वायु की होती जिसमें भरमार अरण्य का जिससे होता विस्तार वृक्ष...

आओ हम सब मिलकर वृक्ष लगायें प्रगति के नाम पर आज प्राकृतिक संसाधन नष्ट कर रहे है बनाये जा रहे...

सेवा करने से ईश्वर प्रसन्न होता है सेवा करने से जीवन सफल होता है, सेवा करने से कर्तव्यनिष्ठा बढ़ती है,...