चतुर्मास मे पपीहा प्यासा ! कोविड से छा गई निराशा। चतुर्मास में पपीहा प्यासा, कोविड से छा गई निराशा। सुबह...
Literature
ये कैसी करोना की हवा चली, इक भय बिखरा है गली गली। जब चारों ओर मरण का तांडव फिर बसंत...
एक बार तुम फिर से जागो एक बार तुम फिर से जागो, प्रेम की गंगा पुनः बहाओ, दूसरों के लिये...
मैं हार गया करुण रुदन आज न जाने उर में क्यों, हृदय को यथार्थता मिल गई सारी। जिसके लिए प्राण...
(श्री राम का तीर लगने से बाली मरणासन्न अवस्था में पहुंच गया है। पढ़िए दोनों का संवाद।) बाली - हे...
जीव हर- जीव दुन्यम, अपणु घर-बार रचद. एक मनखि च, जो दगड़म संसार रचद.. खांणु - पीणु रैण - सैण,...
शुभ कल्याणी गौ माता सदाचार का पाठ पढ़ायें, सबको गौ पालन सिखलायें, सब गौ माता की सेवा करके, गौ माता...
रोजगार दो रोजगार दो रोजगार दो, कोई तो हमें कुछ उधार दो। बेरोजगार हूं, बेरोजगार हूं, सरकार जी कुछ तो...
बाली को समझाने को। उसे सदमार्ग पर लाने को। राम किष्किंधा पर्वत आए। क्या उनके वचन उसे भाए? बोले बाली...
कल्पने, धीरे-धीरे बोल बोल रही जो स्वप्न उबलकर विह्वल दर्दीले स्वर में, कुछ वैसी ही आग सोई है मेरे, लघु...
