पथ पर चलता जा हे पथिक! तू निर्भय होकर पथ पर अपने बढ़ता चल। राहों में कर रहीं इन्तजार ठोकरें...
Literature
जाग जा हे! पथिक रात का घना अंधेरा, सुनसान सड़को पर राही गुम हो गए। जाग जा हे! पथिक, अब...
योग योग कि मैंमा, आज कैसे- कम नीच. आज- सबि करदीं योग, कै- छम नीच.. सरल- गरल, जो- जनु कै...
परिंदों का आशियाना मेरे मृदुल वन में जब, परिंदों की गुंजन होती है। हृदय खुश हो जाता तब, उनकी जब...
जब ज़िन्दगी की दुःस्वारिया से हम परेशां हो जाते हैं। जब ये दुनिया वाले हमको रुला जाते हैं।। जब किसी...
गले से लगा लो मेरी उलझनें सुलझ जायें ग़र तुम गले से लगा लो। ग़मों के बादल छट जायें ग़र...
ठक-ठकि कनि ठकठकि लगदि छै, तब गौं-मुल़क आंणा की. कनि मरमरि हुंदि छैं, ब्वे क हथा-रोटि खांणा की.. मैना भर...
नहीं घमंड मन में मुझे क्या घमंड होगा मन में, मैं तो मिट्टी का एक छोटा कण हूं। जनम इसी...
समै कि पूछ समै फरि लग्या-फांकुण, सरि-सरि दौड़णूं च. कोच- जो यो पूछ पकड़ि, सरर् मरोरड़णूं च.. समै त चल़णु...
बीती यादें कुछ यादें छोड़ पीछे, ये दौर भी गुजर जाएगा। शायद यकीन है मुझे, फिर से जहान मुस्कुराएगा।। दुखी...
