बल...बूबू धादधधयाय... आमा भात पकायो छ....बल अच्हारे आमा भात पकायो छ।।टेक।। बूबू धाद धधयाय... आमा भात पकायो छ।।टेक।। बल बूबू...
Literature
गोरी तेरी सूरत भलि स्वानि भलि स्वानि, भलि स्वानी, भलि स्वानी गोरी तेरी सूरत भलि स्वानि...।।टेक।। गोरी तेरी मूरत भलि...
ब्यटलौं क भोऽर चल़णू , हमरु घर- संसार च. ब्यटलौं मीलु ऊं कु अधिकार, आज दरकार च.. ब्यटलौं न दे-लाड-प्यार,...
नारी है परी-जैसी, स्त्री प्रेम की धारा है। सेहरा-से जीवन में, नारी ही सहारा है।। आलम में अँधेरा है, भटकाव...
बेटी के होने पर जब, जश्न मनाया जाएगा। बिना कृष्ण जब बेटी का। चीर सुरक्षा पाएगा। जब पिता की चढी...
फागुन आई गयो हो... फागुन आई गयो हो... फागुन आई गयो होली छाय रही... फागुन आई... चैत्र मास तुम घर...
पहाड़ी गीतमाला फाल्गुनी फुहार को लोकगीतों का संग्रह भी कहा जा सकता है। इनमें कुछ गीत को लेखक की ओर...
मेरे डांडो - कांठों में आजकल सुरभित पुष्प खिले हैं। बांज बुरांश मौरू तरुवर, शांत स्निग्ध हरितपर्ण धरे हैं। प्रिय...
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में काली कुमाऊं के पाटी विकासखंड में एक अनोखी पारंपरिक प्रथा बेट अभी भी कायम है।...
यार फकीरी में मजा है.... यार फकीरी में मेरे दिलss मेरे दिलss मेरे दिल मेरे दिल मेरे दिल यार फकीरी...
