आस मेरा ज्यू बतौ, दुखेरु- क्यांकु हूंणी छै. किलै खमोसि भितनै, क्यांकु रूंणी छै.. यो- अजोक- बिजोक, त्वेकु हि नि...
Ghazal
बतावा बतावा य जड़ा- बड़ी , क्याकि हुयीं चा. टोका-टोकि घड़ि-घड़ी, क्याकि हुयीं चा. अपण - अपण बाटा, हिटड़ि द्या...
पॉड़ि-पॉड़ि अबि त-कड़क रूड़ नि पड़ि, गौंम सूख पड़िगे. मौल्यार बगत-अबि बटि, निचट रूख पड़िगे.. गौं का स्वाता- पंदेरा ,...
किस कदर आजिजी है बोतल में। जिंदगी जिंदगी है बोतल में।। रास्ते रोशनी से भर देगी। इस कदर रोशनी है...
नारी है परी-जैसी, स्त्री प्रेम की धारा है। सेहरा-से जीवन में, नारी ही सहारा है।। आलम में अँधेरा है, भटकाव...
अपनी हिन्दी का सदा सम्मान होना चाहिए। देश की ये अस्मिता है, ध्यान होना चाहिए।। भूल निज भाषा जहाँ में...
बागवाँ आया नया, गुलशन खिलाने के लिए।चाँद आया दूसरा, घर जगमगाने के लिए।। रात है तो क्या हुआ, डरता अँधेरे...
जाने माने शायर और दिल्ली के पीएफ कमिश्नर आलोक यादव की गजल फिर आने का वादा करके पतझर में, का...
किस कदर मैला हुआ है।ये बदन पहना हुआ है।। गूंजती इसमें अजानें।दिल मेरा मक्का हुआ है।। क्या कहें किससे कहें...
हो के मग़रूर मुझे उसने सताया होगा।पैर की जूती समझ मुझको रुलाया होगा।। रोज़ ताने सुना दिल मेरा दुखाया उसने।नौकरी...
