उत्तराखंड में बेरोजगारों के आंदोलन पर युवा कवयित्री अंजली चंद की कविता-आज का युवा सड़क मे भटक रहा है
आज का युवा सड़क मे भटक रहा है, वो अपने ही मित्र प्रशासन से पिट रहा है, उसे अब सही...
आज का युवा सड़क मे भटक रहा है, वो अपने ही मित्र प्रशासन से पिट रहा है, उसे अब सही...
"बेरोजगार धै लगाणा छीं" यख सब बेरोजगार अब धै लगाणा छीं, ये नेता जी अपणी ही मवसी बणाणा छीं। बड़ी...
सृष्टि परमात्मा भी कितना सुन्दर रचनाकार है ? कितनी सुन्दर रची है प्रभु तुमने सृष्टि! जहां तक डालो दृष्टि बस...
वो यूँ खुद को अक्सर दिखाते हुए भी खुद को छिपाता है कर अपनी ग्लानि को वो प्रत्यक्ष हमें बहुत...
तिरंगा तिरंगा देश की शान तू देश की आन भी है तू देश अखण्ड है इसका पुख्ता - प्रमाण भी...
तीन दिन पहले पुरानी पुस्तकों की सफाई कर रहा था तो अचानक एक 111 पेज के उपन्यास पर मेरी नजर...
खुशी न देखी बचपन की उम्र हमारी पता लगाओ, लगे सोलह में जो पचपन की। हम ने तो बस गम...
तुझको नमन है नमन तुझको तिरंगे तेरी शान भी निराली है तीन रंगों से बना है, तेरी महिमा गौरवशाली है...
मजदूरी में किया कार्य मेहनताना माँगता है नित जीवन ही हमें यहाँ सियासत सिखाता है और लहू के रिश्ते हमें...
मन के सैलाब ऐ मेरे मन के सैलाब! तू निकल न जाना, हर समय कहीं गीत बन न जाना, ऐ...