दग्ड्यों तुम्हरी मुखड़ी मेरी इमिन्युटी बढांद तुम्हरी जिकुड़ी मेरी एंटीबाडी जमांद तुम्हरो हैंसणों मेरी वैक्सीन छ तुम्हरो ब्वन बच्याणो मेरी...
साहित्यकार
पिछले वर्ष की स्थिति मार्च 2020 से कोरोना के कारण संपूर्ण विश्व प्रभावित हुआ है। उद्योग, व्यापार रोजगार, अर्थव्यवस्था आदि...
चाणक्यवाद के लक्षण सब लगे राजनीति की धींगा- कुश्ती में, सब लगे राजनीति की नूरा- कुश्ती में। सब लगे राजनीति...
रोज़ा उठा-पोड़ रोज़-रोज़ा उठा-पोड़ मा,दिन इनी ठिलेंणा छन. एक- हैंका दगड़ि, बोलि- चालिक बितेंणा छन.. एक समै छौ, रात-दिन काम-काजे...
कद्र उसी की है जग में, जिसके मुंह पर खुशबू हो ! देवभूमि का रहने वाला हूं ! कभी पक्षपात...
हिकमत जंजोऴौ बात न कैर, योत रात- दिन रैंदा छन. फिरोड़ा- फिरोड़ लगीं रैंद, इना दिन चैंदा छन.. जतगा छीं...
रेलगाड़ी की बर्थ का सन्देश तीन शून्य एक शून्य एस दो की पन्द्रह हूँ। खाली नहीं कभी रहती जो बर्थ...
समय मिले यदि साथी तुमको नववर्ष के अरुणोदय को, नाना नातिन उत्सुक हैं। देख रहें हैं नया सबेरा, देखो...
उर्दू साहित्य के मशहूर शायर व लेखक शम्सुर्रहमान फारूकी ने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। वह 85...
इस चमकीली दुनिया से अच्छा तो बिस्तर पर मरने से अच्छा, तो सरहद पर ही मरना था, पर भाग्य में...
