उत्तराखंड में बेरोजगारों के आंदोलन पर युवा कवयित्री अंजली चंद की कविता-आज का युवा सड़क मे भटक रहा है
आज का युवा सड़क मे भटक रहा है, वो अपने ही मित्र प्रशासन से पिट रहा है, उसे अब सही...
आज का युवा सड़क मे भटक रहा है, वो अपने ही मित्र प्रशासन से पिट रहा है, उसे अब सही...
वो यूँ खुद को अक्सर दिखाते हुए भी खुद को छिपाता है कर अपनी ग्लानि को वो प्रत्यक्ष हमें बहुत...
तिरंगा तिरंगा देश की शान तू देश की आन भी है तू देश अखण्ड है इसका पुख्ता - प्रमाण भी...
तुझको नमन है नमन तुझको तिरंगे तेरी शान भी निराली है तीन रंगों से बना है, तेरी महिमा गौरवशाली है...
वक्त का दरिया वक्त का दरिया बहता रहता, बहते दौर का हर इक लम्हा। केवल यादें बन कर, ठहरा सा,...
रे मन मूरख काहे भरमाए तू। हरि चरनन् चित्त, काहे न लाए तू॥ भव सागर गहरा अति दुस्तर। सौंप प्रभु...
जो नारी का सम्मान न करे वो नर, नारी विहीन रहे न कोई कहे पति उसे न कोई पुत्र कहे...
धन के रिश्ते रिश्ते नाते दूर -दूर हुए सब। धन के रिश्ते आम हो गए॥ पूजा पाठ नित नेम आचरण।...
पहचान हाँ मेरी खुद से, मेरी पहचान सचमुच मैं जानता नहीं कहाँ खो गई है। मैं सचमुच, ना जाने क्यों...
1. त्योहारों का मस्ती भरा, खुशियों का सुंदर आलम हो। दीपों की झिलमिल किरणों से, रोशन हर घर का आंगन...