नारी है परी-जैसी, स्त्री प्रेम की धारा है। सेहरा-से जीवन में, नारी ही सहारा है।। आलम में अँधेरा है, भटकाव...
दृष्टि दिव्यांग
अपनी हिन्दी का सदा सम्मान होना चाहिए। देश की ये अस्मिता है, ध्यान होना चाहिए।। भूल निज भाषा जहाँ में...
जवाँ देशभक्ति दिल अभी तक जवान है प्यारे। देश पे ये क़ुर्बान है प्यारे।। मुझे चैन मिलेगा नहीं तब तक।...
