मातृभूमि के वीर जवान हे! मातृभूमि के वीर जवान, जज्बा इतना क्यों बड़ा है। वतन की खातिर ही तो आज,...
कवि
जरा संभल इंसान जरा संभल कर रह इंसान यहां, प्रकृति पर तेरा एहसान होगा। मत कर प्रकृति से छेड़छाड़ अब,...
मन की उलझनें जीवन की अनसुलझी उलझनें, क्यों आज मुझे उलझा रही हैं। निकलूं कैसे उलझनों के भंवर से, उलझनें...
प्रेम का बीज बोकर तो देखो इस बंजर माटी में ए मानव तुम, प्रेम का बीज बोकर तो देखो। चारों...
जीवन झड़ पड़ता डाली से, मैं पतझड़ का पीला पात। इस जग में आया फिर मैं, लेकर फिर से नया...
क्यों कलम तोड़ने को आतुर मै भी रोज स्कूल जाना चाहूं, क्यों घर में कैद करने को आतुर तुम। मैं...
जब सरकार बड़ी है बेरोजगारी दूर होगी अब कैसे, डिग्रियां जब जेबों में पड़ी हैं। रोजगारी के सपने लेकर, आशा...
(श्री राम का तीर लगने से बाली मरणासन्न अवस्था में पहुंच गया है। पढ़िए दोनों का संवाद।) बाली - हे...
बाली को समझाने को। उसे सदमार्ग पर लाने को। राम किष्किंधा पर्वत आए। क्या उनके वचन उसे भाए? बोले बाली...
माँ माँ लक्ष्मी है दौलत है विद्या की देवी सरस्वती है मित्र भी है खोल देते है हम अपनी मन...
