वर्ष 2014 की बात रही होगी। एक दिन दोपहर में खाना खाने के बाद मैं एक घंटे की नींद लेने...
साहित्य
कहते हैं कि समय के अनुरूप योजना बनाकर काम करना ही बेहतर होता है। हर काम का समय फिक्स कर...
सुकून सुकून किसी की चाहत मे नहीं, सुकून किसी के इबादत मे नहीं, सुकून किसी को पा लेने का नाम...
पीने-पिलाने की बात जब चले तो यह बताना जरूरी नहीं कि क्या पिया। क्योंकि पीने वालों के लिए तो शराब...
नारी, नारी में भेद क्यों? एक ही ईश्वर ने बनाया जब नारी को फिर तुमने क्यों भेदभाव किया एक का...
कौन कहता है अकेलापन दर्द देता है, ये वो वक्त है जब इंसान खुद को परखता है! दर्द तो दिल...
इस रंग बदलती दुनियां में जिस आदमी का रंग सबसे ज्यादा बार-बार बदलता रहता है। वह नेता होता है। नेता...
क्यों देखता हीन भावना से तू उसको, जो तेरे हर काम है आता। तेरा जो न बनता एक काम भी,...
दूनघाटी का मौसम भी कमाल का है। कभी बारिश होने लगती है, तो कभी आसमान साफ नजर आने लगता है।...
कभी-कभी मेरा भी मन करता है कि दूसरों की मदद को हमेशा उसी तरह तत्पर रहूं, जैसे मैं लड़कपन में...
