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January 16, 2026

गजल

किस कदर आजिजी है बोतल में। जिंदगी जिंदगी है बोतल में।। रास्ते रोशनी से भर देगी। इस कदर रोशनी है...

नारी है परी-जैसी, स्त्री प्रेम की धारा है। सेहरा-से जीवन में, नारी ही सहारा है।। आलम में अँधेरा है, भटकाव...

अपनी हिन्दी का सदा सम्मान होना चाहिए। देश की ये अस्मिता है, ध्यान होना चाहिए।। भूल निज भाषा जहाँ में...

बागवाँ आया नया, गुलशन खिलाने के लिए।चाँद आया दूसरा, घर जगमगाने के लिए।। रात है तो क्या हुआ, डरता अँधेरे...

जाने माने शायर और दिल्ली के पीएफ कमिश्नर आलोक यादव की गजल फिर आने का वादा करके पतझर में, का...