निष्काम कर्मयोगी हैं सुरेन्द्र दत्त पेटवाल: बृज भूषण गैरोला
राजकीय सेवानिवृत्ति के बाद ज्यादातर कर्मचारी शेष जीवन आराम से बिताना चाहते हैं। अपना पारिवारिक जीवन ही तब उनकी प्राथमिकता में शुमार होता है, किन्तु कुछ लोग इस एक नये अवसर के रूप में देखते हुए उस सपने को साकार करने में जुट जाते हैं जो राजकीय सेवा के दौरान सम्भव नहीं होता। 81 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य सरकार के सर्वोच्च शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित सुरेंद्र दत्त पेटवाल इसकी जीती जागती मिसाल हैं। ये विचार डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला ने व्यक्त किए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
विधायक बृज भूषण गैरोला देहरादून में हर्रावाला स्थित लेन नंबर 4 में सुरेंद्र दत्त पेटवाल निशुल्क पुस्तकालय के लोकार्पण के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि पेटवाल जब कार्यरत थे, तब जो भी शिक्षक अवकाश पर रहता था वह उसका पीरियड स्वतः ही लेकर विद्यार्थियों को पढ़ाने लगते थे। उन्होंने इसे केवल पेशा न मानकर एक मिशन भी समझा और इसी के चलते वो उम्र के इस पड़ाव में भी सक्रिय हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उनका यह कार्य सम्भावनाओं के नये द्वार खोलेगा। उन्होंने पुस्तकालय के रखरखाव और सतत विकास के लिये हरसंभव मदद का भरोसा दिया। विधायक गैरोला ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के लिये आसानी से सुलभ होना चाहिये। क्योंकि उन्हीं के आशीर्वाद से उन्हें पद और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पूर्व कार्यक्रम के आयोजक सुरेंद्र दत्त पेटवाल ने अपनी शिक्षण यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। उसे राष्ट्र निर्माता यूँ ही नहीं कहा जाता। महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति एस राधा कृष्णन के शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए उन्होंने इसमें मातृशक्ति की भूमिका को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने पुस्तकालय के संवर्धन में योगदान देने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पूर्व मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस मौके पर हर्रावाला व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय ठाकुर, रमेश पेटवाल, विजेंद्र पेटवाल, लक्ष्मीकांत गोदियाल, रामस्वरूप पेटवाल, डॉ कैलाश पेटवाल, वीरेंद्र पेटवाल, शैलेन्द्र थपलियाल, शैला भट्ट, रश्मि दीक्षित सहित क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


