राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार को दी चेतावनी, जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
देहरादून में कचहरी स्थित शहीद स्मारक स्थल पर आज राज्य के विभिन्न अंचलों से आए आंदोलनकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें राज्य आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई।
देहरादून में कचहरी स्थित शहीद स्मारक स्थल पर आज राज्य के विभिन्न अंचलों से आए आंदोलनकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें राज्य आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलनकारियों को सड़कों पर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने 10 फीसद आरक्षण की मांग को उठाया। साथ ही राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण में हो रही हिला हवाली पर गहरी नाराजगी का इजहार किया। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की समस्याओं का सबसे पहले निराकरण करने का की मांग की। उन्होंने कहा कि
मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन की राशि भी जो बढ़ाई है, वह ऊंट के मुंह में जीरा से ज्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने आंदोलनकारियों को कम 10000 प्रति माह पेंशन दिए जाने की मांग की।
इस मौके पर आंदोलनकारियों को प्रदीप कुकरेती, डीएस गुसाईं, विशंभर बौठियाल, वेद प्रकाश शर्मा, सावित्री नेगी, कमला पांडे, सुमन लता, द्वारिका देवी, जयप्रकाश उत्तराखंडी समेत अनेक नेताओं ने विचार रखे। साथ ही कहा कि सात सौ से ज्यादा आंदोलनकारियों की नौकरी पर आंच नहीं आनी चाहिए। यदि सरकार ने कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आंदोलनकारियों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर होना पड़ेगा।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






