स्कूल के कमरों को बना दिया कीचन, आंगनवाड़ी केंद्र को धर्म गुरु की आरामगाह, पढ़ाई हुई चौपट
धार्मिक आयोजन के दौरान भोजन की व्यवस्था करने के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूल को कीचन बना दिया गया। वहीं, आंगनवाड़ी केंद्र में एसी लगाकर धर्म गुरु के आराम की व्यवस्था कर दी गई।
धार्मिक आयोजन के दौरान भोजन की व्यवस्था करने के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूल को कीचन बना दिया गया। वहीं, आंगनवाड़ी केंद्र में एसी लगाकर धर्म गुरु के आराम की व्यवस्था कर दी गई। नतीजा ये निकला कि पढ़ाई चौपट हो गई। ऐसा मध्य प्रदेश में एक धर्म गुरु की आवभगत के लिए देखने को मिला। प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई बंद करवा दी गई। स्कूल के खुले परिसर में भोजनालय बनाया गया और आंगनवाड़ी केंद्र को एसी युक्त करके धर्म गुरु के आरामगृह में तब्दील किया गया।यह घटना मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रथखेड़ा गांव की है। यहां राज्यमंत्री सुरेश धाकड़ के सहयोग से भागवत कथा का आयोजन किया गया। यह आयोजन मंदिर के पुनरोद्धार के बाद किया गया था। प्राइमरी स्कूल परिसर का इस्तेमाल खाना पकाने के लिए किया गया और वहीं प्रसाद भी बनाया गया। स्कूल की कुछ कक्षाओं को भोजन के लिए लाई गई सब्जियां रखने और मिनरल वाटर की बोतलें रखने के लिए इस्तेमाल किया गया। अन्य कक्षाओं में महिलाओं को ठहराया गया। इस कारण स्कूल की पढ़ाई में व्यवधान रहा। टेंट स्कूल परिसर के अंदर ही लगाया गया है, ऐसे में लाउडस्पीकर के शोर के चलते कक्षाएं नहीं चल पाईं।
आंगनवाड़ी केंद्र को धार्मिक नेता के लिए एयरकंडीशनर युक्त आराम गृह बनाया गया है। हालांकि बीजेपी विधायक और राज्य सरकार में मंत्री सुरेश धाकड रथखेडा ने इस संबंध में पूछे जाने पर भागवत कथा के कारण स्कूली पढ़ाई में किसी प्रकार के व्यवधान से इनकार किया। उन्होंने वह पत्रकारों से सवाल करने लगे कि किसने कहा कि स्कूल बंद है। भागवत कथा से स्कूल में पढ़ाई लिखाई किसी प्रकार से प्रभावित नहीं हो रही है।




