सुरक्षित और स्वस्थ होली: रंग खेलने से पहले बरतें ये सावधानियाँ, जानिए रंग छुड़ाने के आसान तरीके, मत करना ऐसी गलती-डॉ. बृजमोहन शर्मा
रंगों का त्योहार होली उमंग और प्रेम भी प्रतीक है। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आनंद का प्रतीक है। बदलते समय में बाजार में मिलने वाले रासायनिक रंगों ने इस आनंद में कुछ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी जोड़ दिए हैं। ऐसे में सुरक्षित होली खेलने के लिए आपको सजग रहना होगा। यदि थोड़ी सावधानी रखी जाए तो होली पूरी तरह सुरक्षित, आनंददायक और यादगार बन सकती है। आइए जानते हैं होली खेलने से पहले क्या सावधानियाँ रखें। होली खेलने के बाद रंग कैसे छुड़ाएँ। साथ ही किन बातों का विशेष ध्यान रखें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
होली खेलने से पहले आवश्यक सावधानियाँ
1. त्वचा और बालों की सुरक्षा
होली खेलने से पहले पूरे शरीर पर नारियल तेल, सरसों का तेल या मॉइस्चराइज़र क्रीम अच्छी तरह लगा लें। इससे रंग त्वचा के अंदर गहराई तक नहीं जाएगा और बाद में आसानी से उतर जाएगा।
बालों में भी अच्छी तरह तेल लगाएँ और यदि संभव हो तो बालों को बांध लें या ढक लें।
नाखूनों पर नेल पॉलिश लगा लें, इससे रंग नाखूनों में नहीं जमेगा।
2.कपड़ों का चयन
पूरे शरीर को ढकने वाले फुल स्लीव कपड़े पहनें।
पुराने और हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर है।
3. आंखों और चेहरे की सुरक्षा
आंखों में सीधे रंग डालने से बचें।
यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो होली के दिन चश्मा लगाएँ।
होठों पर लिप बाम लगाएँ।
4. प्राकृतिक रंगों का प्रयोग
घर पर बने हर्बल रंग जैसे हल्दी, बेसन, चंदन, फूलों से बने गुलाल का उपयोग करें।
बहुत चमकीले, धात्विक या बदबूदार रंगों से बचें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
होली खेलने के लिए करें ये काम
प्राकृतिक या हर्बल रंगों का उपयोग करें।
होली खेलने से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पिएँ।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सावधानी बरतें।
किसी की अनुमति लेकर ही रंग लगाएँ।
पानी की बचत करें। सूखी होली खेलें।
आंख में रंग चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धोएँ।
होली खेलने के दौरान ऐसा ना करें
केमिकल युक्त या अज्ञात रंगों का प्रयोग न करें।
जबरदस्ती किसी पर रंग न डालें।
कीचड़, ग्रीस, पेंट या अन्य हानिकारक पदार्थों का प्रयोग न करें।
शराब या नशीले पदार्थों का सेवन कर होली न खेलें।
जानवरों पर रंग न डालें।
किसी को पानी के गुब्बारे से चोट न पहुँचाएँ। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
होली का रंग छुड़ाने के आसान घरेलू उपाय
1. तुरंत न रगड़ें
रंग लगे ही जोर से रगड़ना शुरू न करें। पहले सूखे कपड़े से हल्के हाथ से पोंछें।
2. बेसन और दही
बेसन में दही मिलाकर पेस्ट बनाएं और त्वचा पर हल्के हाथ से लगाएँ। 10–15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें।
3. नारियल तेल या जैतून तेल
रंग हटाने के लिए पहले तेल से मसाज करें, फिर हल्के साबुन से स्नान करें।
4. मुल्तानी मिट्टी
मुल्तानी मिट्टी में गुलाबजल मिलाकर लगाएँ, सूखने पर धो लें।
5. बालों से रंग हटाने के लिए
पहले सादे पानी से धोएँ। फिर हल्का शैम्पू करें। अंत में कंडीशनर लगाएँ।
6. आंख में रंग चला जाए तो आंख न मलें। तुरंत साफ और ठंडे पानी से धोएँ। जलन बनी रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पर्यावरण का भी रखें ध्यान
पानी की बर्बादी न करें।
प्लास्टिक गुब्बारों का उपयोग कम करें।
जैविक रंगों का उपयोग कर मिट्टी और जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएँ।
और अंत में
होली प्रेम, भाईचारे और खुशी का पर्व है। थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी से हम इसे सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक बना सकते हैं। प्राकृतिक रंगों का उपयोग, पानी की बचत और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना ही सच्ची होली है। इस वर्ष सुरक्षित, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल होली मनाने का संकल्प लें।
लेखक का परिचय
डॉ. बृजमोहन शर्मा उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के निवासी हैं। वह वैज्ञानिकों की संस्था स्पैक्स (SPECS) के अध्यक्ष हैं। वह समय समय पर राज्य की के लोगों के साथ ही छात्र और शिक्षकों को पानी की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के लिए जागरूक करते रहते हैं। साथ ही मिलावटी सामान की जांच करने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन भी करते हैं। ये काम वह पिछले कई दशकों से कर रहे हैं। इसके साथ ही वह होली के प्राकृतिक रंगों को तैयार करने, एलईडी बल्ब बनाने के साथ ही कई विषयों का छात्रों और महिलाओं को प्रशिक्षण भी देते रहते हैं। उनके ऐसे प्रयासों से कई लोग स्वरोजगार से जुड़े हुए हैं। समाज को ऐसा योगदान देने वालों को लोकसाक्ष्य की ओर से साधुवाद।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


