Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 16, 2026

रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ने स्पेस रॉकेट से हटाए अमेरिका, जापान, ब्रिटेन सहित कई देशों के झंडे, भारत का तिरंगा कायम

रूस सरकार की अंतरिक्ष एजेंसी ने स्‍पेसपार्ट बैकोनुर में बड़े रॉकेट पर पेंट किए गए अमेरिका, ब्रिटेन और जापान सहित कई देशों के झंडे हटा दिए हैं। वहीं, भारत के झंडे को बरकरार रखा गया है।

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूरोप के देशों की ओर से रूप पर प्रतिबंधों का जवाब रूस अपने तरीके से दे रहा है। रूस सरकार की अंतरिक्ष एजेंसी ने स्‍पेसपार्ट बैकोनुर में बड़े रॉकेट पर पेंट किए गए अमेरिका, ब्रिटेन और जापान सहित कई देशों के झंडे हटा दिए हैं। वहीं, भारत के झंडे को बरकरार रखा गया है। अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos का यह प्रतीकात्‍मक कदम इन देशों के साथ संबंधों को दर्शाता है। नार्थ अटलांटिक ट्रीटी आर्गेनाइजेशन (NATO) में शामिल होने की यूक्रेन की कोशिश के विरोध में रूस की ओर से किए गए हमले के करीब एक हफ्ते बादयह कदम उठाया गया है।
गौरतलब है कि राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन की ओर से यूक्रेन के हमले के ऐलान के बाद रूसी सेना ने कीव सहित यूक्रेन के प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए गए। रूस के हमले के विरोध में NATO के सदस्‍य देश फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन तथा अमेरिका के करीबी जापान जैसे देश ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। Roscosmos के महानिदेशक दमित्री ओलेगोविच रोगिजिन ने ट्वीट किया कि-Baikonur का लांच करने वालों ने फैसला किया कि कुछ देशों के ध्‍वजों के बगैर ही हमारा रॉकेट अधिक खूबसूरत लगेगा।

ट्वीट में एक वीडियो है जिसमें स्‍पेसपोर्ट पर रूसी कर्मचारियों को दूसरे देशों के झंडे को मिटाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि भारत के झंडे को बरकरार रखा गया है। बता दें कि भारत ने बुधवार को यूक्रेन के खिलाफ रूसी हमले की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के प्रस्ताव पर वोटिंग में भाग नहीं लिया था। मॉस्को और कीव के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर एक सप्ताह से भी कम समय में संयुक्त राष्ट्र में लाए गए तीसरे प्रस्ताव में भारत ने भाग नहीं लिया।

Bhanu Prakash

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।