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October 22, 2026

उत्तराखंड में बेरोजगारों से खिलवाड़ः सहायक लेखाकार भर्ती परीक्षा रद्द, 400 प्रश्न पाए गए गलत, 9341 ने दी थी परीक्षा

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल जब पहली बार सीएम की शपथ ली थी, तो उन्होंने दावा किया था कि छह माह के भीतर 22 हजार सरकारी रिक्त पदों पर नई भर्तियां कर दी जाएंगी।

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल जब पहली बार सीएम की शपथ ली थी, तो उन्होंने दावा किया था कि छह माह के भीतर 22 हजार सरकारी रिक्त पदों पर नई भर्तियां कर दी जाएंगी। तब से अब तक धामी दोबारा से सीएम बन गए। तब से अब तक करीब नौ माह बीत गए और भर्तियों को लेकर जो तस्वीर सामने आ रही है, उसे युवा बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ कहा जा सकता है। साथ ही सरकार की युवाओं को रोजगार देने की मुहिम पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पिछले साल सितंबर में कराई गई सहायक लेखाकार भर्ती परीक्षा रद कर दी है। परीक्षा के बाद हजारों अभ्यर्थियों ने पूछे गए प्रश्नों को लेकर सवाल उठाए थे और आयोग से शिकायत भी की। अभ्यर्थियों के बढ़ते विरोध को देखते हुए आयोग ने विशेषज्ञों से प्रश्नपत्रों का परीक्षण कराया। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद परीक्षा को रद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि परीक्षा में करीब 400 प्रश्न गलत पाए गए।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक समीक्षा अधिकारी (लेखा), लेखाकार, सहायक लेखाकार, कैशियर, लेखा परीक्षक, कार्यालय सहायक तृतीय (लेखा) के 662 पदों पर भर्ती के लिए पांच फरवरी 2021 को विज्ञप्ति जारी की थी। रिक्त पदों के सापेक्ष करीब 23 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। आवेदन की जांच के बाद इस परीक्षा के लिए 18,640 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। आनलाइन परीक्षा के लिए देहरादून में छह, नैनीताल में चार, हरिद्वार में तीन, पौड़ी गढ़वाल में दो व चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत व बागेश्वर में एक-एक परीक्षा केंद्र बनाए गए। आनलाइन परीक्षा 12 से 14 सितंबर 2021 के बीच छह पालियों में कराई गई। तीन दिन चली परीक्षा में 9341 अभ्यर्थी शामिल हुए।
आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया था। अभ्यर्थियों ने परीक्षा की सभी पालियों के प्रश्न पत्रों की जांच की मांग उठाई थी। जिसके बाद आयोग ने विशेषज्ञों की राय लेने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों ने सभी प्रश्न पत्रों का परीक्षण किया और कई तरह की त्रुटियों को रेखांकित कर दो दिन पहले आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपी।

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