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April 6, 2026

छात्र कार्यकर्ताओं की जमानत के खिलाफ दिल्ली पुलिस की याचिका पर एससी ने कहा-पूरे देश पर पड़ेगा असर, UAPA को लेकर फैसले की होगी जांच

दिल्‍ली हिंसा मामले में स्‍टूडेंट एक्टिविस्‍ट को बेल के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस की याचिका पर टिप्‍पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इससे पूरे देश पर असर पड़ेगा।

दिल्‍ली हिंसा मामले में स्‍टूडेंट एक्टिविस्‍ट को बेल के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस की याचिका पर टिप्‍पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इससे पूरे देश पर असर पड़ेगा। गौरतलब है कि दिल्‍ली हिंसा मामले में स्‍टूडेंट एक्टिविस्‍ट नताशा नरवाल, देवांगना कलीता और आसिफ इकबाल को गुरुवार रात जमानत पर रिहा किया गया है। ये नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्‍ली में भड़के दंगों से कथित संबंध को लेकर पिछले एक वर्ष से जेल में थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा बेहद महत्‍वपूर्ण है और इसका पूरे देश पर प्रभाव हो सकता है, हम इस मामले में नोटिस जारी करना चाहेंगे।
दिल्‍ली पुलिस ने याचिका में कहा है कि आदेश पर रोक लगाई जाए, आदेश से लग रहा है कि तीनों को क्लीन चिट मिल गई हो। दिल्‍ली दंगों में 53 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। इसमें कई पुलिस वाले थे और 700 लोग घायल हुए थे। कोर्ट ने कहा कि दंगे नियंत्रित हो गए इसलिए UAPA लागू नहीं होता। क्या इस तरह के गंभीर अपराध को कम समझा जा सकता है? आदेश पर रोक लगाई जाए।
दिल्‍ली पुलिस ने कहा कि तीनों आरोपियों को जेल से बाहर रखा जाए, लेकिन आदेश पर रोक लगाई जाए. हाईकोर्ट का आदेश कहता है कि UAPA ये दिल्ली दंगों पर लागू नही होता। दिल्ली पुलिस के अनुसार हाईकोर्ट ने कहा कि UAPA का इस्तेमाल देश की रक्षा संबंधित मामलों में होना चाहिए, न उससे कम न उससे ज्यादा। यानी इस मामले में हम UAPA लगाते हैं तो ये असंवैधानिक हो गया।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को मिसाल के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हम तीनों की बेल रद्द नहीं कर रहे। तीनों आरोपी जेल से बाहर रहेंगे। SC ने कहा कि हम दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से UAPA को लेकर दिए गए फैसले की जांच करेंगे। तीनों आरोपियों को नोटिस दिया गया मामले की सुनवाई जुलाई में होगी।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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