एक तरफ कर्ज में डूबे परिवार कर रहे आत्महत्या, दूसरी तरफ शराब सस्ती कर रही सरकारः लालचंद शर्मा
उत्तराखंड सरकार की नीतियों पर देहरादून महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि घाटे का बजट पेश कर उत्तराखंड सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। वहीं, बिजली, पानी के रेट बढ़ाकर लोगों पर महंगाई का चाबुक मारा जा रहा है।शराब को सस्ता किया जा रहा है। सरकार खुद कर्ज में डूब रही है। साथ ही आमजन भी कर्ज में डूब रहा है। इसका उदाहरण बागेश्वर जिले में एक परिवार की महिला और तीन बच्चों की आत्महत्या के रूप में देखा जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
लालचंद शर्मा ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला के पति पर कर्ज था ऐसे में परिवार ने आत्महत्या की। घिरौली जोशीगांव में किराए के मकान में रहने वाले भूपाल राम की पत्नी नीमा देवी (40), पुत्री अंजलि (14), पुत्र कृष्णा (8), पुत्र भाष्कर (5-6 माह) के सड़े गले शव बरामद 16 मार्च को घर के भीतर से बरामद हुए थे। मृतका की 14 वर्ष की बेटी अंजलि के सुसाइड नोट से साफ हो गया कि परिवार की स्थिति काफी खराब थी और मुखिया के सिर पर कर्ज काफी था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि पुलिस तक ने दावा किया कि घर में ना तो रसोई गैस सिलेंडर था और ना ही अनाज का एक दाना था। माना जा रहा है कि होली के दिन परिवार के चार सदस्यों ने मौत को गले लगाया। सरकार के लिए ये शर्म की बात है कि त्योहार के दिन भी किसी के घर में अनाज का एक दाना तक नहीं है। बात प्रदेश के विकास की होती है, लेकिन हकीकत कुछ और बयां कर रही है। सवाल उठता है कि आखिर मुफ्त राशन किसे बांटा जा रहा है। सालभर में तीन मुफ्त गैस सिलेंडर किसे दिए जा रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ किसे दिया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देहरादून महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से पारित किए गए वर्ष 2023-24 की बजट पिछले साल की तुलना में 18 फीसद की वृद्धि के साथ 77407 करोड़ का बजट है। दावा किया गया है कि इसके लिए 24744.31 करोड़ रुपए सरकार अपने संसाधनों से जुटाएगी। फिर सवाल उठता है कि बाकी 52663 करोड रुपए सरकार कहां से जुटाएगी। इसका उल्लेख बजट में स्पष्ट रूप से नहीं किया गया है। धीरे धीरे अब साफ होने लगा है कि इस घाटे को पाटने के लिए सरकार बिजली, पानी के रेट बढ़ाने जा रही है। इसी तरह अन्य मदों पर भी लोगों पर महंगाई की मार पड़ने वाली है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कैबिनेट के फैसले से पता चला कि राज्य में शराब सस्ती हो जाएगी। जहां एक तरफ बिजली, पानी महंगे हो रहे हैं, वहीं शराब को सस्ता करना समझ से परे है। शराब से ही राजस्व में वृद्धि की जा सकती थी। बिजली और पानी से लोगों को राहत दी जा सकती थी, लेकिन सरकार ने इससे उलट ही किया। ऐसे में साफ है कि सरकार के पास ना तो कोई साफ नीति है और ना ही विजन है। अब प्रदेश की जनता इसे समझने लगी है। आने वाले दिनों में जनता ही खुद इसका सरकार को जवाब देगी। क्योंकि कांग्रेस की ऐसी पार्टी है, जिसकी आर्थिक नीतियां रोजगार परक, गरीबी उन्मूलन, विकासपरक वाली है।



