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July 18, 2026

अब इस कोविड अस्पताल में लगी आग, 23 लोगों की मौत

इराक की राजधानी बगदाद के एक कोरोना वायरस इंटेसिव केयर यूनिट में रविवार को लगी आग लग गई। हादसे में 23 लोगों को मौत हो गई।

इराक की राजधानी बगदाद के एक कोरोना वायरस इंटेसिव केयर यूनिट में रविवार को लगी आग लग गई। हादसे में 23 लोगों को मौत हो गई। इराक का जर्जर स्‍वास्‍थ्‍य ढांचा कोरोना के मामलों के कारण काफी दबाव का सामना कर रहा है। मेडिकल सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया कि ऑक्‍सीजन के सिलेंडर के स्‍टोरेज में चूक के चलते विस्‍फोट हुआ और आग लग गई। गौरतलब है कि इराक के अस्‍पताल, दशकों के संघर्ष और कमजोर निवेश के कारण दवाओं और बेड्स की कमी का सामना कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर आए वीडियो में फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को अस्‍पताल की आग बुझाने की कोशिश करते देखा गया। कई मरीज और उनके रिश्‍तेदार अस्‍पताल की बिल्डिंग से भागने का भी प्रयास किया। हादसे में 23 लोगों की मौत हुई है और 50 के आसपास घायल हुए हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 120 लोगों को बचाया गया है। इसमें मरीज और उनके रिश्‍तेदार शामिल हैं। कई सूत्रों के अनुसार, लापरवाही के कारण यह आग लगी है। सोशल मीडिया पर इस हादसे को लेकर लोगों के बीच काफी गुस्‍सा देखा गया।
इराक में कोविड-19 के मामलों की संख्‍या 10 लाख के आंकड़े को पार कर गई। अरब देशों में यह संख्‍या सबसे ज्‍यादा है। हादसे के वक्‍त इब्‍न अल खातिब अस्‍पताल के मरीजों के बेड्स के पास रिश्‍तेदार भी मौजूद थे। इब्‍न अल खातिब अस्‍पताल को बगदाद के मोस्‍ट सीवियर कोरोना केसों के लिए रिजर्व किया गया। एक अन्‍य मेडिकल सूत्र ने बताया कि आग की लपटें कई फ्लोर में फैल गईं।

भारत में भी हो रहे हैं अस्पतालों में हादसे
भारत में भी अस्पतालों में ऐसे ही हादसे हो रहे हैं। दो दिन पूर्व महाराष्ट्र में मुंबई से सटे विरार वेस्ट इलाके में विजय वल्लभ कोविड अस्पतालमें आग लगने से 13 मरीजों की मौत हो गई थी। हॉस्पिटल में 15 पेशंट्स आइसीयू में थे, जिसमें से मात्र दो ही बचाए जा सके। 20-21 अप्रैल की रात महाराष्ट्र के नासिक में डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन टैंकर लीक होने से 22 लोगों ने दम तोड़ दिया था। लीकेज के कारण अस्पताल में 30 मिनट तक ऑक्सीजन सप्लाई बाधित रही। इसके कारण वेंटिलेटर पर रखे गए 22 मरीजों की मौत हो गई थी।