दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने ब्लाइंड विमेंस टी20 वर्ल्ड कप का जीता खिताब, नीता अंबानी ने दी बधाई
भारतीय खेल इतिहास में एक नया मुकाम जुड़ गया है। भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार आयोजित ब्लाइंड विमेंस टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया। मैदान पर उनका संघर्ष, आत्मविश्वास और टीम स्पिरिट देखने योग्य थी। जहां आंखों की रोशनी भले कम थी, लेकिन सपनों की चमक दुनिया को मात दे गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दृष्टिबाधित महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत ने नेपाल को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पी सारा ओवल मैदान में भारतीय टीम नेपाल को सात विकेट से हराकर चैंपियन बनी। दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट विश्व कप का यह पहला आयोजन है। भारत ने पहले गेंदबाजी करते हुए नेपाल को पांच विकेट पर 114 रनों पर रोक दिया और फिर महज 12 ओवरों में तीन विकेट पर 117 रन बनाकर खिताब अपने नाम कर लिया। भारत का इस मैच पर दबदबा इतना था कि नेपाल की टीम अपनी पारी में केवल एक चौका ही लगा सकी। फुला सरेन नाबाद 44 रनों की पारी के साथ भारत की सर्वोच्च स्कोरर रही। भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस यादगार उपलब्धि पर रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी ने दिल से टीम को बधाई देते हुए कहा कि हमारी दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने एक बार फिर भारत का सिर गौरव से ऊंचा कर दिया है। दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने पहला टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर साबित कर दिया कि सच्ची दृष्टि आंखों में नहीं, दिल में होती है। यह जीत साहस, धैर्य और अटूट जज्बे की विजय है। उन्होंने लाखों लोगों के लिए आशा, संभावना और प्रेरणा का मार्ग प्रकाशित किया है। टीम और उनके परिवारों को ढेरों बधाइयाँ। इंडियन ब्लाइंड विमेंस क्रिकेट टीम की कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। जहां हौसला हो, वहां जीत खुद रास्ता ढूंढ लेती है।नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



