सिलिकॉन वैली बैंक में लगे ताले, दो दिन में डूबे 100 अरब डॉलर, कर्मचारियों को मिला 1.5 गुना वेतन का ऑफर
अमेरिकी रेगुलेटरी ने जिस बैंक पर ताला लगाया है, उसके कर्मचारियों को 1.5 गुना वेतन देने की पेशकश की गई है। दो दिन के अंदर बैंक को 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। बात सिलिकॉन वैली बैंक की हो रही है। इसके बंद होने के बाद भारत समेत स्टार्टअप और निवेशकों की चिंता बढ़ चुकी है। वहीं दूसरी ओर इसके कर्मचारियों के लिए फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेस कॉर्प की ओर एक खास पेशकश की गई है। फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेस कॉर्प वह है, जिसे सिलिकॉन वैली बैंक के रिसीवर के तौर पर सेलेक्ट किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेस कॉर्प की ओर से कर्मचारियों को 1.5 गुना वेतन देने की घोषणा की गई है। हालांकि, इसके बदले में ज्यादा काम करने के लिए कहा गया है। फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉर्प के नियंत्रण में लेने के बाद ये फैसला लिया गया है। रॉयटर्स की पोर्ट के मुताबिक, आवश्यक कर्मचारियों और शाखा कर्मचारियों को छोड़कर, कर्मचारियों को दूरस्थ रूप से काम करना जारी रखने के लिए कहा गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
किसे मिलेगा 1.5 गुना वेतन
रिपोर्ट के मुताबिक एफडीआईसी वर्करों को नामांकित करेगा और सप्ताह में लाभ के बारे में जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य संबंधी विवरण एसवीबी फाइनेंशियल ग्रुप द्वारा प्रदान किया जाएगा। सिलिकॉन वैली बैंक में पिछले साल के अंत में 8,528 कर्मचारियों की संख्या थी। एसवीबी को पिछले साल के अंत में अमेरिका में 16वें सबसे बड़े बैंक के रूप में स्थान दिया गया था, जिसकी संपत्ति लगभग 209 बिलियन डॉलर और जमा में 175.4 बिलियन डॉलर थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दुनियाभर के स्टार्टअप्स में करता था निवेश
स्टार्टअप्स में निवेश करना बड़ा जोखिम भरा होता है। 1983 में शुरू हुआ यह बैंक स्टार्टअप्स में निवेश करने वाला एक बड़ा बैंक था। टेक्नोलॉजी सेक्टर के स्टार्टअप्स के लिए यह फंडिंग का एक बड़ा सोर्स था। सिलिकॉन वैली बैंक ने 21 भारतीय स्टार्टअप्स में भी पैसा लगाया हुआ है। पिछले 5-7 वर्षों से यह बैंक काफी लाइमलाइट में आया। अच्छे रिटर्न के चलते लोग इसमें अपना पैसा जमा कराते थे। साल 2017 के आखिर तक बैंक के पास 44 अरब डॉलर का डिपॉजिट था। साल 2021 के आखिर तक यह 189 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस अवधि में बैंक की लोन बुक भी 23 अरब डॉलर से बढ़कर 66 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैंक किस तरह करते हैं कमाई
जिस दर पर बैंक कर्ज देते हैं और जिस दर पर वे लोगों से पैसा लेते हैं, उसके बीच का अंतर ही बैंकों की कमाई होती है। यानी बैंक ब्याज दरों के बीच अंतर से पैसा कमाते हैं। आंकड़ों से हम देख रहे हैं कि सिलिकॉन वैली बैंक के डिपॉजिट का आंकड़ा इसके द्वारा दिये गए लोन से काफी अधिक हो गया था। ऐसे में बैंक को किसी दूसरी जगह से कमाई करनी थी। एसवीबी ने ब्याज से पैसा कमाने के लिए बॉन्ड में पैसा लगाना शुरू किया। साल 2021 के आखिर तक बैंक बॉन्ड जैसे एसेट्स में 128 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट कर चुका था।



