ग्राफिक एरा में लीगल एक्सपर्ट कांक्लेव, विशेषज्ञों ने छात्रों को सिखाए कानूनी पैंतरे
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में लीगल एक्सपर्ट कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। ग्राफिक एरा में विशेषज्ञों ने छात्रों को वर्तमान कानूनी कार्यप्रणाली और उभरती पेशेवर चुनौतियों की जानकारी दी। कॉन्क्लेव में सर्वोच्च न्यायालय के एडवोकेट एवं (से.नि) जैग अधिकारी, मेजर अभिषेक शर्मा ने कहा कि युवाओं को अपने फैसलों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। उन्हें यह समझना जरूरी है कि कौन से अवसर चुनने हैं और चुने हुए अवसर में अपनी पूरी क्षमता और मेहनत कैसे लगानी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अंकिता गौतम ने कहा कि सफलता का पैमाना केवल अंक नहीं होते। सही समय पर किया गया निरंतर परिश्रम ही वास्तविक सफलता दिलाता है। उन्होंने कहा कि कानून की बेहतर समझ के लिए केस स्टडीज़ पढ़ना आवश्यक है और आत्म-संदेह को पीछे छोड़कर वही कार्य करना चाहिए, जिसे करने में उत्साह और संतोष मिले। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आईएएफएल के फैलो, सीनियर एडवोकेट अनिल मल्होत्रा ने कहा कि कानून केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कॉर्पोरेट, इंजीनियरिंग और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी व्यापक करियर के अवसर प्रदान करता है। कांन्क्लेव में मुकदमेबाजी, पंचाट, मध्यस्थता और नियामक प्रथाओं पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने छात्रों को कानूनी करियर के अवसरों तथा वास्तविक दुनिया में कानून के लागू होने के तरीकों के बारे में जानकारी दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कॉन्क्लेव का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ ने किया। कॉन्क्लेव में स्कूल ऑफ लॉ के हेड डॉ विवेक गोयल, एडवोकेट राधिका बिस्वजीत दुबे, एडवोकेट यश पटेल, अदिति कर्रा, माधवम् शर्मा, डॉ मान्या गोयल, अंकिता झकमोला समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन स्तुति भंडारी ने किया।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



