निर्धारित दिन और तय समय पर होगी आइएमए की पीओपी, सादगी से होगा आयोजन, राष्ट्रपति लेंगे सलामी
आइएमए देहरादून में अब पासिंग आउट परेड निर्धारित तिथि और समय पर ही आयोजित की जाएगी। पूरा आयोजन सादगी से होगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद परेड की सलामी लेंगे और इसमें सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे भी शामिल हो सकते हैं।
आइएमए देहरादून में अब पासिंग आउट परेड निर्धारित तिथि और समय पर ही आयोजित की जाएगी। पूरा आयोजन सादगी से होगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद परेड की सलामी लेंगे और इसमें सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे भी शामिल हो सकते हैं। देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुए आकस्मिक निधन की सूचना के बाद भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में नौ दिसंबर के सारे कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया था।बुधवार आठ दिसंबर को तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में सेना का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें 14 लोग सवार थे। हादसे में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका के साथ ही 13 लोगों की मौत हो गई। आइएमए की पासिंग आउट परेड (पीओपी) 11 दिसंबर को है। इसमें राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के साथ सीडीएस जनरल रावत को भी आना था। जनरल रावत की मृत्यु के शोक के चलते आइएमए की ओर से गुरुवार को आपात बैठक बुलाई गई और इसमें पीओपी के स्वरूप को लेकर चर्चा की गई।
आइएमए प्रशासन ने सेना मुख्यालय से भी संपर्क किया। मुख्यालय से बातचीत व आपात बैठक के बाद आइएमए प्रशासन ने निर्णय लिया कि पीओपी निर्धारित दिन व निर्धारित वक्त पर 11 दिसंबर को ही होगी। आइएमए की जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टि. कर्नल हिमानी पंत ने बताया कि पीओपी से पूर्व 10 दिसंबर को होने वाले समारोह अब निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें लाइट-साउंड शो व मल्टी एक्टिीविटी डिस्पले शामिल हैं। पीओपी भी सादगीपूर्ण माहौल में होगी और रिव्यूइंग अफसर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ही रहेंगे।
परेड के निरीक्षण के बाद राष्ट्रपति का संबोधन होगा। पीओपी में देश-विदेश के 387 जेंटलमैन कैडेट भाग लेंगे। जिनमें 319 जेंटलमैन कैडेट भारतीय जबकि बाकी 68 कैडेट आठ मित्र देशों (अफगानिस्तान, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, मालद्वीव, म्यांमार, तंजानिया व तुर्किमेनिस्तान) के होंगे। परेड में कोविड प्रोटोकाल का पूरा ख्याल रखने के निर्देश दिए गए हैं।




