उत्तरकाशी के ऋतिक चमियाल ने बनाई थी धान कूटने की मशीन, अब इस मॉडल कों मिला पेटेंट
उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के ऋतिक चमियाल के मॉडल को पेटेंट मिल गया है। वर्ष 2029 में उनके मॉडल का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ था। उन्होंने धान कूटने की मशीन बनाई थी। इसे बगैर बिजली के चलाया जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराकाशी के नौगांव ब्लॉक स्थित बिगराड़ी गांव निवासी ऋतिक चमियाल ने गांव की महिलाओं के लिए एक ऐसी मशीन बनाई है, जिससे वो आसानी से धान कूट सकेगी। इसके लिए न तो उन्हें पेट्रोल-डीजल की जरूरत होगी और न बिजली की ही। राजकीय इंटर कॉलेज गडोली में जब ऋतिक चमियाल नवीं कक्षा में थे तब उनके इस मशीन के मॉडल का चयन 2019 में आईआईटी दिल्ली में NLEPC में राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 60 में हुआ था। इस प्रतियोगिता में चयनित छात्र शैक्षिक भ्रमण के लिए शकुरा जापान जाते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मशीन को पैडल मारकर साइकिल की तरह चलाया जा सकता है। इससे जहां आसानी से धान की कुटाई हो जाएगी, वहीं पैडल मारकर धान कूटने से शरीर में स्फूर्ति भी रहेगी। मशीन को आसानी से कहीं भी लाया-ले जाया जा सकता है। ऋतिक के इस मॉडल को अभिप्रेरित अनुसंधान के लिए विज्ञान खोज के तहत नवोन्मेष प्रतियोगिता में ब्लॉक, जिला, प्रदेश स्तर के बाद राष्ट्रीय और अब अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता मिली है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यह मॉडल अब उन महिलाओं के लिए मददगार साबित होगा, जिन्हें धान कूटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऋतिक के पिता किशन सिंह चमियाल गांव में ही मेहनत-मजदूरी करते हैं। ऋतिक पढ़ाई में भी काफी अच्छा है और इस तरह के प्रयोग करने में उसकी काफी रुचि है। ऋतिक की इस उपलब्धि पर उत्तरकाशी के जिला शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल व जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) शैलेन्द्र अमोली, इंस्पायर अवार्ड्स के जिला समन्वयक डा. राजेश जोशी, सह जिला समन्वयक डा. सजीव डोभाल साहित सभी शिक्षकों ने हर्ष जताया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जिला समन्वयक डॉ. राजेश जोशी ने जानकारी दी कि जिला उत्तरकाशी से लगातार बाल वैज्ञानिक राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर रहे है। पिछले साल 2024 के NLEPC में उत्तरकाशी के अउराइंका नैटवाड के आयुष राणा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 60 में जगह बनाई थी। उत्तराखंड से चयनित 4 बाल वैज्ञानिको में से वह एक है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



