रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय प्रबंधन पर चार साल के हिसाब किताब पर श्वेत पत्र जारी करे सरकारः सूर्यकांत धस्माना
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने उत्तराखंड में भाजपा की धामी टू सरकार के चार साल पूरे होने पर मनाए गए जश्न और सरकार के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के दावे सही हैं और सरकार में नैतिक साहस है तो वो पिछले चार साल में प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं, राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत, प्रदेश की प्राइमरी माध्यमिक व उच्च शिक्षा में हुई प्रगति, वित्तीय प्रबंधन, राज्य पर कर्ज और देनदारियों के विवरण विषयों पर एक आधिकारिक श्वेत पत्र जारी कर प्रदेश की जनता को वस्तुस्थिति से अवगत कराए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता में धस्माना ने कहा कि सरकारी दावों की हकीकत यह है कि प्रदेश में बेरोजगारी पिछले पच्चीस वर्षों में अपने चरम पर है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में केवल एक बार पुलिस भर्ती हुई, जबकि प्रदेश में सिपाही, हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल के हजारों पद खाली पड़े हैं। थाना, चौकियों में फोर्स का आवंटन तीस से चालीस प्रतिशत कम है। प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और ट्रैफिक सिस्टम भी चरमराया हुआ है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार शिक्षा विभाग में प्राइमरी से लेकर माध्यमिक स्कूलों में हेड मास्टर व प्रधानाध्यापक के हजारों पद व उच्च शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर के सैकड़ों पद रिक्त पड़े हैं। इसी प्रकार राज्य के सरकारी महकमों में कुल मिलाकर 80 हजार कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। प्रदेश के जिलों की सीएचसी, पीएचसी की बात तो दूर की बात है, जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टर नहीं हैं। जिला अस्पताल केवल रेफरल केंद्र बने हुए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि प्रदेश की सरकार हरिद्वार का सरकारी मेडिकल कालेज नहीं चला पाई। उसे पीपीपी मोड में दे दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन भी पटरी से उतरा हुआ है और राज्य में बजट के आकार के बराबर ऋण चढ़ गया है। वहीं, प्रदेश सरकार उधार का घी खा कर तालियां बजा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कानून व्यवस्था के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धस्माना ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के में उत्तराखंड देश के हिमालयी राज्यों में पहले पायदान पर आ गया। अंकिता भंडारी से लेकर हरिद्वार में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या जैसे अपराधों में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और दायित्वधारी शामिल रहे। चार साल में प्रदेश को जिस बदहाली की स्थिति में भाजपा सरकार ने पहुंचा दिया, उस पर अब जनता सरकार से जवाब चाहती है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


