भक्तों के अधीन रहते हैं भगवान, हरते हैं उनके दुखः आचार्य सुभाष जोशी
भागवत कथा मर्मज्ञ आचार्य सुभाष जोशी ने कहा कि भगवान अपने भक्तों के अधीन होते हैं। जो भक्त शुद्ध अंतःकरण से भगवान की भक्ति करते हैं, भगवान स्वयं उनके दुख हरते हैं।
भागवत कथा मर्मज्ञ आचार्य सुभाष जोशी ने कहा कि भगवान अपने भक्तों के अधीन होते हैं। जो भक्त शुद्ध अंतःकरण से भगवान की भक्ति करते हैं, भगवान स्वयं उनके दुख हरते हैं। देहरादून में अग्रवाल समाज की ओर से गुरु रोड स्थित राजपैलेस में आयोजित श्रीमद्भ भागवत कथा के चौथे दिन आज आचार्य सुभाष जोशी ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भगवान की कथा अलौकिक है। चाहे उसे राम कथा कहें या श्रीमद्भ भागवत कथा। उन्होंने कहा कि राम कथा व श्रीमद्भ भागवत कथा में अंतर केवल इतना है कि राम कथा मनुष्य को जीना सिखाती है और श्रीमद्भ भागवत कथा मनुष्य के मन से मृत्यु का भय समाप्त करती है। इस अवसर पर अग्रवाल समाज के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, महासचिवफतेहचंद, महासचिव संजय अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, विपिन्न नागलिया, अनुज दत्त शर्मा आदि उपस्थित रहे।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






