Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

June 28, 2026

गीता बागरी की कविता- बहनों में बड़ी बहुओं में छोटी

बहनो में बड़ी बहुओ में छोटी,
न पीहर में अड़ी न ससुराल में लड़ी,
बातो बातो में बोल देती है,
जो भी समय की जरुरत होती है,
जहर का काम मिश्री से कर देती है,
बड़ी बहन है माँ का काम कर देती है ,
जनम दिन की शुभकामनाये सबसे पहले,
भगवन पूरी करे आपकी इच्छाए मांगने से पहले
कवयित्री का परिचय
गीता बागरी
राउरकेला, ओडिशा
कवयित्री एक गृहणी और होम ट्यूटर हैं। वह सिविल इंजियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त हैं।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।