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July 20, 2026

गीता बागरी की कविता- बहनों में बड़ी बहुओं में छोटी

बहनो में बड़ी बहुओ में छोटी,
न पीहर में अड़ी न ससुराल में लड़ी,
बातो बातो में बोल देती है,
जो भी समय की जरुरत होती है,
जहर का काम मिश्री से कर देती है,
बड़ी बहन है माँ का काम कर देती है ,
जनम दिन की शुभकामनाये सबसे पहले,
भगवन पूरी करे आपकी इच्छाए मांगने से पहले
कवयित्री का परिचय
गीता बागरी
राउरकेला, ओडिशा
कवयित्री एक गृहणी और होम ट्यूटर हैं। वह सिविल इंजियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त हैं।
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