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October 17, 2026

120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी ट्रायल ट्रेन, उड़ा गई चार लोगों के परखच्चे, सीएम ने दिए जांच के आदेश

हरिद्वार में रेल के डबल ट्रैक के ट्रायल के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से चार व्‍यक्तियों की मौत हो गई। घटना गुरुवार देर शाम लक्‍सर हरिद्वार ट्रैक के ज्‍वालापुर की है। बताया जा रहा है कि यहां डबल ट्रैक का काम चल रहा है। ट्रैक के ट्रायल के दौरान ट्रेन की चपेट में चार लोग आ गए। इससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रेन 120 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ रही थी। इससे पटरी के निकट चार लोगों को उसकी गति का अनुमान नहीं था और वे चपेट में आ गए। हादसे में उन चारों के परखच्चे उड़ गए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने ट्विट किया कि हरिद्वार में ट्रेन के नीचे आने से कुछ व्यक्तियों की मृत्यु का दु:खद समाचार मिला है। मैं इस दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। जिलाधिकारी को घटना की मजिस्ट्रेट जांच व घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

हादसा जमालपुर रेलवे फाटक से 200 मीटर की दूरी पर हुआ। ट्रायल ट्रेन 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। इसकी चपेट में आने से चार व्यक्तियों की धज्जियां उड़ गई। रेलवे के डीआरएम ने जांच बैठा दी है।
लक्सर-हरिद्वार रेल मार्ग पर ट्रैक के दोहरीकरण का कार्य दो साल से चला आ रहा था। अभी तक इस रूट पर 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें गुजरती आ रही हैं। दोहरीकरण के बाद 10 जनवरी से ट्रेनों की स्पीड दोगुनी यानि 100 किलोमीटर प्रतिघंटा होनी है। लाइन के दोहरीकरण का काम पूरा होने पर ट्रायल के लिए गुरुवार को रेलवे के सीआरएस (कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी) के नेतृत्व में तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम हरिद्वार पहुंची थी। डबल ट्रैक और रफ्तार का ट्रायल करने के लिए दिल्ली से स्पेशल ट्रेन भी बुलाई गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चारों लोग रेलवे ट्रैक के आस पास खड़े थे। उन्हें दूर से ट्रेन आते हुए तो दिखी, लेकिन वह ट्रेन की रफ्तार भांप नहीं पाए। पल भर में चारों लोग चीथड़ों में तब्दील हो गए। देर रात तक शवों की शिनाख्त का काम चल रहा था। रेलवे के डीआरएम तरुण प्रकाश ने बताया कि चूंकि हादसा फाटक नंबर 14 से 200 मीटर आगे हुआ है। इसलिए प्रथम दृष्टया रेलवे की कोई गलती फिलहाल सामने नहीं आई है। आरपीएफ और सिविल पुलिस के साथ मिलकर इस हादसे की जांच करेगी।
हादसे की सूचना पर रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी व पुलिस अधिकारी जमालपुर की तरफ दौड़ पड़े। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, जीआरपी के अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल व स्थानीय विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने घटनास्थल पर पहुंच हादसे की जानकारी ली।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।