पूर्व मंत्री जयराम रमेश ने कोरोना टीके के दावे और हकीकत पर सरकार को घेरा, ब्लैक फंगस की दवा पर राहुल के सवाल
देशभर में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार धीमी चल रही है। पहले जो दावे किए गए थे, उससे आधे भी टीके नहीं लगा जा सके हैं। ऐसे में कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है।

देशभर में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार धीमी चल रही है। पहले जो दावे किए गए थे, उससे आधे भी टीके नहीं लगा जा सके हैं। ऐसे में कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम नरेश ने जहां टीकाकरण की धीमी रफ्तार को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ब्लैक फंगस से निपटने के इंतजाम को लेकर सवाल उठाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने देश में कोविड टीकाकरण की रफ्तार पर चिंता जताई। साथ ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि- हमें वैक्सीन चाहिए, घड़ियाली आंसू नहीं। इसके साथ ही रमेश ने टीकाकरण पर केंद्र सरकार के दावों और हकीकत का फर्क बताया है।
उन्होंने लिखा कि- केंद्र सरकार ने 21 जनवरी 2021 को दावा किया था कि मोदी सरकार जुलाई के अंत तक 30 करोड़ भारतीयों का पूर्ण रूपेण टीकाकरण कर देगी, लेकिन हकीकत यह है कि 22 मई, 2021 तक मात्र 4.1 करोड़ भारतीयों को ही टीके की दोनों खुराक मिल सकी है।
उन्होंने आगे लिखा कि-केंद्र सरकार ने 21 मई को दावा किया था कि 2021 के अंत तक भारत में सभी वयस्कों का टीकाकरण कर दिया जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि 21 मई को ही देशभर में एक दिन में मात्र 14 लाख लोगों को टीके लगाए जा सके। हमें टीका चाहिए, घड़ियाली आंसू नहीं।
ब्लैक फंगस की दवा की कमी पर बरसे राहुल
कोरोना के साथ उपजी दूसरी बीमारियों को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। ट्विटर के माध्यम से मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सिस्टम के कुशासन के चलते सिर्फ भारत में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस महामारी है। वैक्सीन की कमी तो है ही, इस नई महामारी की दवा की भी भारी कमी है। उन्होंने कहा कि इससे जूझने के लिए PM ताली-थाली बजाने की घोषणा करते ही होंगे। बताते चलें कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को निर्देश देते हुए कहा है कि ब्लैक फंगस को महामारी कानून के तहत अधिसूचित की जाने वाली बीमारियों में शामिल करें और सभी केस रिपोर्ट किए जाएं।





केन्द्र सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है