पूर्व आइएएस एसएस पांगती ने यूकेडी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, बोले-कार्यकर्ता की हैसियत से करूंगा सेवा

पूर्व आइएएस सुरेंद्र सिंह पांगती ने उत्तराखंड क्रांति दल की सर्वोच्च विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष पद के साथ ही हरिद्वार जिला प्रभारी के पद से त्यागपत्र दे दिया। आज उन्होंने अपना त्यागपत्र देहरादून स्थित पार्टी कार्यालय में सौंप दिया। हालांकि इससे पहले उन्होंने अपना त्यागपत्र 20 फरवरी को पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट को भी सौंप दिया था।
एसएस पांगती यूकेडी में सर्वोच्च विशेषाधिकार समिति में एक साल तीन महीने तक अध्यक्ष रहे। साथ ही वह हरिद्वार जिला प्रभारी भी थे। समिति के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने पार्टी का संविधान भी बनाया था। उनके इस्तीफा देने की पीछे की वजह जो बताई जा रही है, वह ये है-
बताया जा रहा है कि करीब दस दिन पूर्व हरिद्वार में यूकेडी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यूकेडी के नारायण सिंह जंतवाल ने उनके समिति के अध्यक्ष पद पर सवाल खड़े कर दिए थे। कहा गया था कि यूकेडी में ऐसा कोई पद है नहीं। एक साल पर इस पर की वैधानिकता पर सवाल उठने से एसएस पांगती क्षुब्ध नजर आए और उन्होंने त्यागपत्र दे दिया।

एसएस पांगती के मुताबिक वह यूकेडी में कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे। साथ ही फिर से अन्य क्षेत्रीय दलों और संगठनों को जोड़ने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि एकसाथ आए बगैर किसी भी चुनाव में क्षेत्रीय दलों के जीत की बात करना बेमानी होगा।
एसएस पांगती उत्तराखंड पूर्व सैनिक एवं अद्धसैनिक संगठन के संरक्षक भी हैं। वर्ष 2002 के चुनाव के दौरान उन्होंने सभी क्षेत्रीयों संगठनों व दलों को एकजुट करके उत्तराखंड संयुक्त मोर्चा का गठन तक किया। इसमें वर्तमान में भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पार्टी भी शामिल थी।



