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October 17, 2026

पूर्व सीएम हरीश रावत बोले, सरकार ने विपक्ष के सुझाव को किया दरकिनार

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर विपक्ष के सुझावों की अनदेखी का आरोप लगाया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर विपक्ष के सुझावों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों को भी कोरोना वॉरियर्स का दर्जा दिया जाए। साथ ही उन्होंने सरकार को कुछ सुझाव भी दिए हैं।
सोशल मीडिया में डाली गई पोस्ट में हरीश रावत ने कहा कि- सरकार ने विपक्ष के सामूहिक सुझाव की अनदेखी करते हुये ग्राम प्रधानों को ही गांवों में कोरोना सेंटर के संचालन का दायित्व सौंप दिया है। हमारा सुझाव था कि कोटद्वार, रामनगर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, टनकपुर, हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर और देहरादून के एंट्री प्वाइंट पर बड़े क्वारंटाइनसेंटर खोले जाएं। वहां बाहर से आने वाले लोगों को रखा जाय। फिर वहां से सरकार उनको उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि जो भी गांव के अंदर प्रवेश करेगा वो पूर्णतः सुरक्षित प्रवेश कर सकेंगे।
उन्होंने काहा कि-खैर सरकार ने एक आदेश निकाला। मैं, सरकार से एक आग्रह करना चाहता हूं कि जब आप प्रधानों से ये काम ले रहे हैं तो उनको भी कोरोना वॉरियर्स का दर्जा दीजिये। क्योंकि वो भी अब फ्रंटलाइन वॉरियर्स हैं। यदि उनका रोल चिकित्सकीय नहीं भी है तो रोकथाम में महत्वपूर्ण है। दूसरा क्योंकि वो निरंतर ऐसे लोगों के संपर्क में आएंगे तो उनको कोविड-19 वैक्सीन लगाने में प्राथमिकता दी जाय। उनको बीमाकृत भी किया जाय। ताकि वो निर्भीक होकर अपने दायित्व का निर्वहन कर सकें।
हरीश रावत के मुताबिक- कोविड-19 मरीज के तीमारदारों को भी की एक प्राथमिकता सर्टिफिकेट मिलना चाहिये। उम्र को ध्यान में रखे बिना उन्हें भी वैक्सीन लगाने में प्राथमिकता दी जानी चाहिये। वो हैं कुटुंबीजन, मगर अपनी जान को जोखिम में डालकर कोविड-19 मरीज की तीमारदारी/ देखरेख कर रहे हैं।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।