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February 26, 2026

पूर्व मुक्केबाज और एशियाई पदक विजेता डिंग्को सिंह का निधन, कोरोना को दी थी मात, कैंसर के आगे डाल दिए ग्लव्स

भारत के पूर्व मुक्केबाज और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता डिंग्को सिंह का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया। वह 42 वर्ष के थे। डिंग्को सिंह ने पिछले साल ही कोरोना को मात दी थी, लेकिन कैंसर से जंग में वे हार गए।


भारत के पूर्व मुक्केबाज और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता डिंग्को सिंह का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया। वह 42 वर्ष के थे। डिंग्को सिंह ने पिछले साल ही कोरोना को मात दी थी, लेकिन कैंसर से जंग में वे हार गए। भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन मुक्केबाजों में से एक माने जाने वाले डिंग्को ने 1998 के बैंकाक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री किरण रिजिजू ने डिंग्को के निधन पर शोक व्यक्त किया और बॉक्सर को भारत में खेल के प्रति दीवानगी पैदा करने का श्रेय दिया।

गौरतलब है कि महान मुक्केबाज डिंग्को सिंह को मई 2020 में कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया था। इस मुक्केबाज ने कोरोना को जल्द ही मात दे दी थी, लेकिन कैंसर के आगे उन्होंने अपने बॉक्सिंग ग्लव्स डाल दिए। पिछले साल अप्रैल में डिंग्को को उनके लीवर कैंसर के इलाज के लिए इम्फाल से राष्ट्रीय राजधानी ले जाया गया था।

डिंग्को सिंह का 2017 से ही लिवर कैंसर के लिए उपचार चल रहा था। उन्हें साल 1998 में अर्जुन पुरस्कार और 2013 में पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया था। वह मैरीकॉम (MC Marykom) जैसे कई स्टार बॉक्सर के रोल मॉडल हैं। खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि डिंग्को सिंह के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन मुक्केबाजों में से एक, 1998 के बैंकाक एशियाई खेलों में डिंग्को के स्वर्ण पदक ने भारत में बॉक्सिंग चेन रिएक्शन को जन्म दिया। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। भगवान तुम्हारी आत्मा को शांति दे, डिंको।
भारत के पेशेवर मुक्केबाजी सुपरस्टार विजेंदर सिंह ने कहा कि डिंग्को की जीवन यात्रा और संघर्ष हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि-इस क्षति पर मैं संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। उनके जीवन की यात्रा और संघर्ष हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहें। मैं प्रार्थना करता हूं कि शोक संतप्त परिवार को इस दुख और शोक की अवधि से उबरने की शक्ति मिले।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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