प्रदेश और देश की सुख शांति के लिए कांग्रेस ने की सर्वधर्म समभाव प्रार्थना सभा, स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को दिया समर्थन
इन दिनों देश एवं प्रदेश में चल रही धार्मिक उन्माद की चिन्ताजनक स्थितियों के बीच उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के आह्वान पर भारी संख्या में कांग्रेसजनों ने देहरादून के गांधी पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सर्वधर्म समभाव सभा का आयोजन किया। सभा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 20 मिनट मौन रखकर विश्वशांन्ति के लिए प्रार्थना की। तदोपरान्त राश्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता, राम ईशवर अल्लाह तेरो नाम, सबको संनमति दे भगवान के साथ ही वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड परायी जाणे रे, दे दी हमें आजादी बिना खडग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल इत्यादि भजन गाये गए।इस सर्वधर्म संभाव सभा में अलग-अलग धर्मो के धर्मगुरुओं ने विश्व में अमन, चैन सुख शान्ति एवं समृद्वि की प्रार्थना की। इसमें फादर अमित सैमुअल, हाजी मुस्तकीन अहमद, आचार्य नरेशानन्द नौटियाल, मुख्य ग्रंथी परमजीत सिंह ने अपने-अपने धर्म ग्रंथों से संदेश दिए एवं प्रार्थना की।
वक्ताओं ने कहा कि हमारे भारत देश की पूरे विश्व में एक अलग पहचान है। इसकी पहचान है अनेकता में एकता। इसकी पहचान है सर्वधर्म समभाव। वह पहचान है वसुदैव कुटुम्बकम की। वह पहचान है विश्व के सबसे बडे लोकतंत्र के रूप में। सबसे अनूठे संविधान के रूप में हमारा देश जाना जाता है। जिस तरह से हमारे देष में अलग-अलग धर्म के, जाति के समुदाय के, वर्ग के अलग-अलग बोली भाषा, पहनावा, खानपान और संस्कृति के लोग एक साथ एक गुलदस्ते की भांति सौहार्दपूर्ण माहौल में रहते हैं, उसी के लिए हमारा देश ख्याती प्राप्त है। हमारा देश विविधताओं का देश है। इसकी संस्कृति और सभ्यता अमूल्य धरोहर है। हमारे वेद पुराण हमें सदभाव सहिश्णुता एव विश्व शान्ति का संदेश देते है।
वक्ताओं ने कहा कि आज हमारे देश की सामाजिक समरसता एवं ताने बाने को छिन्न भिन्न करने का कुचक्र रचा जा रहा है। आज देश में धार्मिक उन्माद फैलाकर सामाजिक व राजनैतिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसको कांग्रेस पार्टी कभी भी कामयाब नही होने देगी। भाजपा की फांसीवादी मंसूबों को सफल नही होने देगी।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीष रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिह, बद्रीनाथ विधायक राजेन्द्र सिंह भंडारी, नानकमत्ता विधायक गोपाल राणा, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, राजकुमार, महामंत्री विजय सारस्वत, मथुरा दत्त जोशी, गरिमा महरा दसौनी, राजीव महर्षि, शिल्पी आरोड़ा, अजय सिंह, मनीश खंडूड़ी, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, अश्विनी बहुगुणा, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, वैभव वालियान, मनीष नागपाल, चौधरी गौरव सिंह, डॉ. आरपी रतूडी, वसी जैदी, नवीन जोशी, हरि कृश्ण भट्ट, याकूब सिद्विकी, दीप बोहरा, विजयपाल रावत, पूरन सिंह रावत, महाबीर सिंह रावत, परिणिता बडौनी, शांति रावत, कमलेष रमन, डॉ. प्रतिमा सिंह, सुनित राठौर, अजय नेगी, जविन्दर सिंह गोगी, देवेन्द्र सिंह, विनोद सिंह चौहान, सुषील राठी, डॉ. प्रदीप जोशी, आशीष नौटियाल, डॉ. विजेन्द्र पाल, अमरजीत सिंह, विशाल मौर्या, प्रदीप गैरोला, जगजीत रौतेला, सतेन्द्र सिंह, अभिनव थापर, बिरेन्द्र पंवार, यामीन अंसारी, नजमा खान, अनुराधा तिवाडी, उर्मिला थापा, पूनम कण्डारी, प्रियंका भण्डारी, दर्शन लाल, राजीव चौधरी, मनीश सैनी, जितेन्द्र राठी, सुशील राठी, जय प्रकाश तोपवाल, राहुल चौधरी, रविन्द्र चौधरी, नवनीत सती, पंकज क्षेत्री, संग्राम सिंह पुण्डीर, इंन्द्र लाल आर्य, मनविन्दर सिंह, कमल रावत, जसबीर रावत, संदीप चमोली आदि उपस्थित थे।
धरने को दिया समर्थन
गांधी पार्क में धरनारत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के धरने को कांग्रेस नेताओं ने समर्थन दिया। इन कर्मियों को करोना काल के दौरान राज्य सरकार ने संविदा पर रखा था और 31 मार्च 2022 को अचानक उनकी सेवाएं समाप्त कर दी।उनके धरने और मांगो को समर्थन देने उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावतजी, बद्रीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारीजी धरना स्थल पहुंचे।
कांग्रेस के सभी नेताओं ने धरने को संबोधित भी किया। संबोधन के दौरान राजेंद्र भंडारी ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी आवाज सदन में उठाई जाएगी। वही प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा ने स्वास्थ मंत्री धन सिंह रावत को उनके द्वारा दिया गया आश्वासन याद दिलाया, जिसमें धन सिंह रावत ने स्वास्थ विभाग में इन कर्मचारियों को समायोजित करने की बात कही थी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी राज्य सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि राज्य में आज बेरोजगारी विकराल रूप ले चुकी है। ऐसे में युवा दिग्भ्रमित हो रहा है। केवल घोषणा मात्र से बात नहीं बनेगी। स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा के अनुरूप शासनादेश जारी होना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि इसे राज्य का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि कोरोना काल के दौरान जिन युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बगैर राज्य वासियों को अपनी सेवाएं दी हों, आज उन्हें इस तरह से दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






