बॉलीवुड के प्रसिद्ध सिंगर बप्पी लहरी का निधन, पिछले साल कोरोना से हुए थे संक्रमित
प्रसिद्ध भारतीय गायक और संगीतकार, बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और संगीतकार बप्पी लहिरी का मुंबई में जुहू के क्रिटी केयर अस्पताल में निधन हो गया है।

बप्पी दा पिछले एक महीने से बीमार चल रहे थे। उनके फेफड़ों में खराबी आ गई थी। डॉक्टर ने बताया कि 18 दिन आईसीयू में रहने के बाद जब सब पैरामीटर नॉर्मल हो गए तब सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया था। मंगलवार को उनकी तबीयत फिर से खराब हो गई। उन्हें अस्पताल लाया गया, लेकिन रात 11 बजे के करीब उनका निधन हो गया। डॉक्टर ने बताया कि बप्पी दा को कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं। मंगलवार की रात को उनका निधन OSA (obstructive sleep apnea) से हो गया।
बप्पी लहरी ने बॉलीवुड को कई हिट गाने दिए। बप्पी लाहरी का असली नाम अलोकेश लाहिड़ी है। उनका जन्म 27 नवंबर 1952 को पश्चिम बंगाल के जलपैगुड़ी में हुआ था। इनके पिता का नाम अपरेश लाहिड़ी तथा मां का नाम बन्सारी लाहिड़ी है। बप्पी लहिरी को सोना पहनना और हमेशा चश्मा लगाकर रखना बेहद पसंद था। गले में सोने की मोटी-मोटी चेन और हाथ में बड़ी-बड़ी अंगूठियां समेत सोने के ढेर सारे गहने पहनना उनकी पहचान थी।
संगीत जगत को एक के बाद एक बड़े झटके
बता दें कि इस महीने संगीत जगत को एक के बाद एक बड़े झटके लगे हैं। बप्पी लहरी से पहले स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 6 फरवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
80 के दशक में छाए फिल्म इंडस्ट्री में
बप्पी लाहरी ने 70 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और 80 के दशक में वे छाए रहे। हर फिल्म में गाने के लिए वे निर्माताओं की पहली पसंद रहे। उन्हें पहचान साल 1975 में आई फिल्म ‘ज़ख्मी’ से मिली। बप्पी दा के गाए गीत ‘बंबई से आया मेरा दोस्त, आई एम ए डिस्को डांसर, जूबी-जूबी, याद आ रहा है तेरा प्यार, यार बिना चैन कहां रे, तम्मा तम्मा लोगे, आज भी लोगों की जुबां पर चढ़े रहते हैं। कुछ महीने खबर आई थी उनकी आवाज चली गई है, लेकिन ये अफवाह थी। उन्होंने खुद सामने आकर कहा था कि वे ठीक है और उनकी आवाज भी सही सलामत है।
बॉलीवुड संगीत में लगाया पॉप म्यूजिक का तड़का
बप्पी दा को 70 से 80 के दशक में बॉलीवुड संगीत में प्रयोग के लिए जाना जाता है। उन्होंने इसमें पॉप म्यूजिक का तड़का लगाया था। डिस्को डांसर गाने ने तो उन्हें खूब नाम और शोहरत दिलाई थी।
राजनीति में भी आजमा चुके हैं हाथ
उन्होंने गीत-संगीत के अलावा सियासत में भी हाथ आजमाया था। वह 2014 में चुनाव लड़े थे। 2014 के आम चुनाव में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से टिकट पाए थे और श्रीरामपुर सीट से लड़े थे।
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।