चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को दिया 2024 का गेम प्लान, इसे लेकर सोनिया ने की बैठक, जानिए रणनीति
कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने पार्टी के पुनरुद्धार और 2024 के आम चुनाव के गेम प्लान को लेकर चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए आज अपने चुनिंदा सहयोगियों के साथ अहम बैठक की।
कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने पार्टी के पुनरुद्धार और 2024 के आम चुनाव के गेम प्लान को लेकर चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए आज अपने चुनिंदा सहयोगियों के साथ अहम बैठक की। सूत्र बताते हैं कि प्रशांत किशोर इस बार एक ऐसा प्रस्ताव लाए हैं, जिसके अंतर्गत कांग्रेस 370 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है और कुछ खास राज्यों की सीटों पर मित्र दलों के साथ गठबंधन कर सकती है। प्रशांत किशोर भी सोमवार को सोनिया से मिलने पहुंचे थे। ये पिछले तीन दिनों में उनकी दूसरी मुलाकात है। इसके पहले शनिवार को भी उनकी मुलाकात हुई थी और जानकारी में आया था कि प्रशांत किशोर ने पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के सामने मिशन 2024 पर एक विस्तृत प्लान पर प्रेजेंटेशन दिया था।न्यूज एजेंसी ANI ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रशांत किशोर ने सुझाव दिया है कि कांग्रेस को यूपी, बिहार और ओडिशा में अकेले लड़ना चाहिए, जबकि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के उसे गठबंधन करना चाहिए। इस सुझाव पर राहुल गांधी भी सहमत हैं। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के पास प्रस्ताव पर विचार के लिए दो मई तक का वक्त है।
सोनिया गांधी के 10 जनपथ रोड स्थित आवास पर हो रही इस बैठक में उनकी बेटी व पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड़ा, वरिष्ठ पार्टी नेता मुकुल वासनिक, रणदीप सिंह सुरजेवाला और अंबिका सोनी मौजूद हैं। हालांकि प्रशांत किशोर और उनके प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस में काफी असंतोष रहा है। क्योंकि वे उन नेताओं के साथ सहयोग करते रहे हैं, जो राज्यों में कांग्रेस के सीधे तौर पर प्रतिद्वंद्वी हैं और इनके देश की सबसे पुरानी पार्टी के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं। इन नेताओं में बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख प्रमुख ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी और तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव शामिल हैं।
प्रशांत का संगठन IPAC, ममता और जगनमोहन का चुनाव प्रचार अभियान सफलता के साथ संचालित कर चुका है। गौरतलब है कि गांधी परिवार के साथ प्रशांत किशोर यानी पीके की बैठक के बाद पिछले सप्ताह उनके कांग्रेस ज्वॉइन करने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा था, हालांकि इस मुद्दे पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी थी।सूत्र बताते हैं कि इस बार प्रशांत किशोर ने पार्टी के पुनरुद्धार के एक प्लान के साथ गांधी परिवार की ओर रुख किया है।




